कांग्रेस नेता ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को कहा चापलूस-कमीशनखोर, गुटबाजी भी रही हावी

उज्जैन।

भले ही कांग्रेस को सत्ता में आए सात महिने से ज्यादा हो गए है लेकिन अब तक गुटबाजी खत्म नही हो पाई है। ताजा मामला उज्जैन से सामने आया है।यहां केंद्र सरकार के खिलाफ धरने कर रहे कांग्रेस नेताओं ने ना सिर्फ अलग अलग एसडीएम को ज्ञापन सौंपा बल्कि जमकर धक्का-मुक्की भी की।वही पुतला जलाने के दौरान कांग्रेस पुलिस से भी भिड़ गए। इतना ही नही अध्यक्ष ने तो अपनी ही पार्टी के नेताओं को कमीशनखोर और चापलूस करार दे दिया।

दरअसल,शनिवार को यूपी में कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने पर प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन किया गया।इस दौरान गुटबाजी देखने को मिली। अध्यक्ष महेश सोनी व जिलाध्यक्ष कमल पटेल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मंच से नीचे एडीएम आरपी तिवारी को ज्ञापन सौंपा तो इससे नाराज मंच पर मौजूद माया त्रिवेदी व कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन का वाचन किया और फिर से एडीएम को सौंप दिया।इतना ही नही इस दौरान दोनों के बीच जमकर धक्का मुक्का भी हुई।दोनों पक्ष एसडीएम को अपनी तरफ खींचने लगे।इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने के दौरान कांग्रेसियों की पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने कांग्रेसियों के हाथों से पुतला छुड़ाने की कोशिश की तो  पुतले के टुकड़े-टुकड़े हो गए और उसमें आग लगा दी गई। इससे फहीम सिकंदर व कुछ पुलिसकर्मी के कपड़े झुलस गए थे। 

इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए शहर अध्यक्ष महेश सोनी ने अपनी ही सरकार के नेताओं पर निशाना साध दिया।  उन्होंने बिना नाम लिए अपनी पार्टी के नेता को ही कमिशनखोर और अधिकारियों का चापलूस कह दिया। उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री कमलनाथ दलालों को बाहर करने का कार्य कर रहे हैं, मैंने भी यही कार्य किया है। कांग्रेस पार्टी में जो एक तरह के कमिशनखोर और अधिकारियों के चापलूस नेता थे, उन्हें संगठन से दूर करने का प्रयास किया। 

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