सिंधिया के दिल्ली दरबार में विधायकों का जमावड़ा, कांग्रेस में हड़कंप

भोपाल/नई दिल्ली | मध्य प्रदेश में कांग्रेस 15 साल बाद सरकार बनाने जा रही है| कमलनाथ को विधायक दल का नेता चुनने के बाद मुख्यमंत्री घोषित किया गया है| वहीं मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम नहीं बनाये जाने से उनके समर्थक नाराज हैं और मध्य प्रदेश के 30 से ज्यादा विधायक सिंधिया के दिल्ली स्तिथि निवास पर धरने पर बैठ गए| ग्वालियर चम्बल और मालवा क्षेत्र के यह विधायक हैं, जो सिंधिया को सीएम नहीं बनाये जाने से नाराज हैं और कम से कम प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की मांग कर रहे हैं|  

दरअसल, पूरे चुनाव में कमलनाथ और सिंधिया का ही चेहरा था, जिसके चलते माना जा रहा था कि दोनों नेताओं में से ही किसी को सीएम बनाया जाएगा| वहीं सरकार बनाने की स्तिथि में आने के बाद पार्टी ने कमलनाथ को सीएम घोषित किया| जिससे सिंधिया समर्थक नाराज हो गए| शनिवार को मध्य प्रदेश से कई विधायक सिंधिया के दिल्ली स्तिथि निवास पर पहुँच गए और धरना प्रदर्शन करने लगे| मप्र से दिल्ली पहुंचे इन विधायकों का कहना है कि जनता ने सिंधिया के नाम पर वोट दिए हैं, भाजपा की कब्जे वाली सीट पर भी सिंधिया के नाम पर जनता ने कांग्रेस को जिताया है, अब हम क्षेत्र में किस मुँह से जाएँ| क्यूंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है|  इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठ गई है। सिंधिया के घर पहुंचे कुछ विधायकों का कहना है कि सिंधिया को या तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष या डिप्टी सीएम बनाया जाए| विधायकों का कहना है कि अगर 2019 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है तो हमारे महाराज (ज्योतिरादित्य सिंधिया) को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम बनाया जाए। वहीं कुछ का कहना है कि सिंधियाजी को सीएम नहीं बनाया गया तो हम कमलनाथ की नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन नहीं करेंगे| 

सिंधिया के दिल्ली निवास पर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ यह सभी सिंधिया से मिलना चाहते थे, लेकिन सिंधिया ने मुलाकात नहीं की| इसके बाद सभी को समझाइश दी गई| जिसके बाद कुछ वासप लौट गए, कुछ वहीं धरने पर बैठ गए तो कुछ अभी दिल्ली में ही मध्य प्रदेश निवास में रुके हुए हैं और आगे की रणनीति बना रहे हैं| दिल्ली पहुंचे यह नेता मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर ,शिवपुरी ,दतिया और भिंड जिले से विधायक हैं| कांग्रेस के सिंधिया समर्थक विधायकों की इस मांग ने कांग्रेस के अंदर एक बार फिर तूफान खड़ा कर दिया है और कांग्रेस आलाकमान इसका क्या समाधान निकालेगा यह देखने वाली बात है।


इधर कमलनाथ के शपथ समारोह की तैयारी 

इधर मध्य प्रदेश में नई सरकार के गठन की तैयारी जोरो पर चल रही है| कमलनाथ 17 दिसम्बर को सीएम पद की शपथ लेंगे| राजधानी के जंबूरी मैदान में भव्य समारोह होगा, इसमें प्रदेशभर से बड़ी तादाद में लोगों के आने की संभावना है। समारोह का आमंत्रण देने के लिए सरकारी प्रेस में दो हजार से ज्यादा कार्ड छपेंगे।  कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी| कमलनाथ स्वयं विशिष्ट अतिथियों को आने का न्यौता दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी बात पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्री से हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी संपर्क किया जा रहा है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए कार्यकर्ताओं को बदलाव का संदेश देना चाहती है। 15 साल बाद सत्ता में हो रही वापसी के मद्देनजर शासन को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में सोमवार को कार्यकर्ता भोपाल आएंगे। वहीं सिंधिया समर्थकों की नाराजगी को साधना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गई है|  



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