खनिज अफसर को लेकर सीहोर में कांग्रेस दो फाड़, प्रभारी मंत्री की फोटो को रेत में गाड़ा

सीहोर। अनुराग शर्मा| अवैध उत्खनन को लेकर विवादों में घिरे सीहोर के खनिज अधिकारी आरिफ खान को लेकर कांग्रेस दो फाड़ हो गई है| इसको लेकर दो कार्यवाहक अध्यक्ष आमने सामने आ गए| इसके बाद प्रभारी मंत्री आरिफ अकील के खनिज अधिकारी के समर्थन में आने के बाद उनके खिलाफ कांग्रेस के एक गुट ने मोर्चा खोल दिया है| रविवार को जिला कार्यकारी अध्यक्ष राहुल यादव के नेतृत्व में लिसा टॉकीज चौराहे पर प्रभारी मंत्री आरिफ अक़ील के पुतले को रेत में गाड़ कर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई | जिला खनिज अधिकारी आरिफ खान को हटाने की मांग की गई| 

कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष राहुल यादव ने कहा कि प्रभारी मंत्री जिला खनिज अधिकारी को संरक्षण दे रहे हैं, दिग्विजय सिंह सहित तमाम नेताओं ने अवैध उत्खनन को लेकर बड़े-बड़े बयान दिए लेकिन सीहोर जिले में अवैध खनन  क्यों नहीं रुक रहा हैं |  भाजपा शासनकाल में रहने वाले अफसर आरिफ खान पर प्रभारी मंत्री  क्यों  मेहरबान हैं|  राहुल यादव ने प्रदेश के खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के नाम ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि मो. आरिफ खान पूरे जिले में अवैध खनन और अवैध रेत परिवहन में संलग्न हैं। इस दौरान प्रभारी मंत्री आरिफ अक़ील के पुतले को रेत में गाड़ कर विरोध किया है| इसी तरह का विरोध कुछ दिनों पहले भिंड जिले में भी देखने को मिला था| 

बता दें कि ये वही खनिज अधिकारी हैं, जिन्हें अवैध उत्खनन के चलते एनजीटी ने निलंबित किया था, लेकिन कमलनाथ सरकार ने उन्हें बहाल कर दिया था। बीते दिनों सीहोर के प्रभारी मंत्री आरिफ अकील ने प्रभारी जिला खनिज अधिकारी मो. आरिफ खान का खुलकर समर्थन किया था| उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चंदा न मिलने के कारण खनिज अधिकारी के खिलाफ हैं। यद्यपि अकील ने कांग्रेस के नेताओं का नाम नहीं लिया, लेकिन सभी जानते हैं कि आरिफ खान के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सीहोर के कार्यकारी जिला अध्यक्ष राहुल यादव ने लगाए थे। मंत्री के बयान के बाद यादव ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भिंड की तर्ज पर अकील का विरोध करने का ऐलान किया साथ ही ट्वीट कर कहा कि 'कांग्रेस से प्यार है, आरिफ अकील बेकार है।'

दरअसल मो. आरिफ खान का मूल पद सहायक भौमिकीविद का है। शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में उन्हें सीहोर का प्रभारी जिला खनिज अधिकारी बनाया गया था। 7 फरवरी 2017 को सीहोर के तत्कालीन कलेक्टर सुदाम खाड़े ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में स्वीकार किया था कि वे सीहोर जिले में अवैध खनन नहीं रोक पा रहे हैं। कलेक्टर की स्वीकारयोक्ति के बाद ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रभारी जिला खनिज अधिकारी मो. आरिफ खान को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।  कांग्रेस सरकार आने के बाद और आरिफ अकील के प्रभारी मंत्री बनते ही मो. आरिफ खान फिर से प्रभारी जिला खनिज अधिकारी के पद पर पदस्थ हो गए। कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष राहुल यादव ने प्रदेश के खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि मो. आरिफ खान पूरे जिले में अवैध खनन और अवैध रेत परिवहन में संलग्न हैं। 

आरिफ अकील का आरोप

शुक्रवार को सीहोर के दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री आरिफ अकील से आष्टा में पत्रकारों ने जिला खनिज अधिकारी की शिकायत के बारे में सवाल किया तो अकील का सीधा कहना था कि शिकायतकर्ता इस अधिकारी से चंदा मांगने पहुंचे थे, चंदा न मिलने पर उन्होंने झूठी शिकायत की है। जब अकील से पूछा गया कि शिकायकर्ता कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष हैं तो उन्होंने कहा कि ये पत्रकार तलाश करें कि अधिकारी से कौन चंदा मांगता है? 


कांग्रेस का एक खेमा नाराज

अकील के इस बयान से सीहोर में कांग्रेस का एक खेमा खासा नाराज हो गया है। आने वाले समय में उनके इस बयान से राजनैतिक हलचल मचना तय है।




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