पश्चिम बंगाल का आक्रोश पहुंचा मप्र, हड़ताल पर सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प, मरीज परेशान

भोपाल।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आज देशव्यापी बंद का ऐलान किया है।इसमें मध्य प्रदेश के सभी निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टर भी शामिल होंगे।हडताल के चलते  प्रदेश के निजी अस्पतालों में सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक ओपीडी में इलाज नहीं मिलेगा। सिर्फ इमरजेंसी मरीजों को देखा जाएगा। वही प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में विशेष इंतज़ाम रखने के निर्देश दिए हैं.

दरअसल, कोलकाता के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों पर हमले के बाद भोपाल की यूनाइटेड डॉक्टर्स फेडरेशन (यूडीएफ) ने यह निर्णय लिया है। फेडरेशन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से सोमवार को राष्ट्रीय स्तर पर घोषित हड़ताल के समर्थन में यह फैसला लिया है। भोपाल समेत पूरे मप्र में भी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इसी के चलते राजधानी के हमीदिया और सुल्तानिया अस्पताल समेत निजी अस्पतालों की ओपीडी में सोमवार को मरीजों को इलाज नहीं मिलेगा। इसके साथ ही हमीदिया और सुल्तानिया अस्पताल में ऑपरेशन भी नहीं होंगे।इसके अलावा  इंदौर के एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज,  जबलपुर और ग्वालियर सहित सभी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक और स्टाफ धरना और प्रदर्शन करेंगे।  इन अस्पतालों की भीड़ बढ़ने की संभावना के चलते स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने सभी सीएमएचओ और सिविल सर्जन को व्ववस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए कहा है। उन्होंने सभी कलेक्टरों से भी इस संबंध में बात की है।

बता दे कि कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों से दुर्व्यवहार की थी। इस घटना के बाद परिजनों से माफी मंगवाने पर अड़े डॉक्टरों की हड़ताल जारी है।डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।पश्चिम बंगाल के हड़ताली डाॅक्टरों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मीडिया के सामने ही बातचीत करेंगे, बंद कमरे में नहीं।उधर आईएमए ने डाॅक्टरों पर हमलों को रोकने के लिए केंद्रीय कानून की मांग की है।  

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