बड़ी कार्रवाई: फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले 60 शिक्षक निलंबित, मचा हड़कम्प

लखनऊ

यूपी में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर गाज गिरी है। यहां शिक्षा विभाग में बीएड की डिग्री के सहारे सरकारी शिक्षक की नौकरी पाने वाले मथुरा के 60 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।इतनी बड़ी संख्या में कार्रवाई होने से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। सभी शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी या टैंपर्ड (छेड़छाड़ कर) बनाए गए हैं। इन्होंने भिन्न-भिन्न वर्षों में नियुक्ति प्राप्त की है।  

दरअसल, पिछले तीन साल से डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में एसआईटी की जांच के दौरान करीब 4700 ऐसे बीएड डिग्री धारक सामने आए थे, जिनकी डिग्री फर्जी थी या फिर उनसे हेराफेरी की गई थी। इस फर्जी बीएड डिग्री धारकों की सूची सीडी के रूप में दो बार विभागीय माध्यम से जनपद स्तर पर पहुंचाई गई थी। इसमें से जनपद में तैनाती पाए बीएड डिग्री धारक शिक्षकों का चयन करने के आदेश बीएसए को दिए गए थे। कई बार निदेशक बेसिक शिक्षा ने ऐसे शिक्षकों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए थे।इस लंबी मशक्कत के बाद आखिरकार मथुरा जनपद में चिंहित किए गए 60 शिक्षकों को अब निलंबित किया गया है।

अभिलेखीय साक्ष्यों के अनुसार डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2005 की फर्जी/टैंपर्ड अंकतालिका के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की गई थी। बीएसए चंद्रशेखर ने जांच एवं एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर नरेंद्र चतुर्वेदी व अन्य को निलम्बित कर दिया है। निलम्बित अवधि में शिक्षक को जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। बीएसए चंद्रशेखर ने 60 शिक्षकों पर फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने के एवज में निलम्बन किया है। एसआईटी की सूची पर इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। 



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