कर्जे में डूब रहा एमपी का यह किसान परिवार, क्या मदद के लिए आगे आएगी सरकार

सतना

प्रदेश की कमलनाथ सरकार भले ही किसानों की कर्जमाफी के लाख दावे करे लेकिन प्रदेश में अब भी ऐसे कई किसान है जिनकी पूरी जिदंगी सिर्फ कर्जा चुकाने में बीत रही है । ऐसी ही कहानी सतना जिले के छिबौरा के रहने वाले पटेल परिवार की है, जिनकी कर्जा चुकाने में दो पीढियां खप गईं, इसके बावजूद कर्ज अब भी बचा हुआ है और दिनों दिन बढता जा रहा है।ऐसे में सवाल खड़ा होता है क्या सरकार इस किसान परिवार की मदद के लिए आगे आएगी , क्या पटेल परिवार को कभी इस कर्जे से मुक्ति मिल पाएगी...?

दरअसल, सतना जिले के छिबौरा निवासी रामचरण पटेल ने 2006 में इलाहाबाद बैंक की चोरमारी शाखा से 3 लाख 85 हजार का कर्ज लिया था। 12 वर्षो में 10 लाख 5 हजार 520 रुपये बैंक में जमा कर दिए मगर लोन खत्म नहीं हुआ। इसी बीच किसान रामचरण और उनका पुत्र लाइलाज बीमारी के शिकार हुए और साल 2018 में दोनों की दवा के अभाव में मौत हो गई। अब कर्ज का भार पूरे परिवार पर आ पड़ा है, किसान की बहू कैंसर का इलाज नहीं करा पा रही, बच्चे पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने लगे।  वही बैंक ने फिर 2 लाख 50 हजार की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है।ऐसे में किसान परिवार के सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है और वो कई बार मदद के लिए बैंक से भी गुहार लगा चुका है। ऐसे में अब इस परिवार को सरकार की बड़ी उम्मीदे है।  

बता दे कि कमलनाथ सरकार ने कृषि मशीनरी हेतु लिए गए लिए कर्ज को जय किसान ऋण माफी योजना में शामिल नहीं किया गया है, जिसके चलते प्रदेश के कई किसानों पर कर्जे का भार पड़ रहा है और पीढ़ी दर पीढ़ी यह कर्जा बढ़ता ही जा रहा है। 

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