भावांतर भुगतान योजना में अटके सवा लाख किसानों के 212 करोड़ रुपए

भोपाल। भावांतर भुगतान योजना के तहत फसल बेचने वाले किसानों को ढाई महीने बाद भी अंतर की राशि नहीं मिली है। 1.26 लाख किसानों के 212 करोड़ रुपए का भुगतान अटका है। जबकि भावांतर भुगतान योजना के तहत केंद्र सरकार ने अभी तक एक रुपया भी नहीं दिया है। विधायक जीतू पटवारी के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने विधानसभा में दी है।

 बिसेन ने बताया कि भावांतर में 971 करोड़ रुपए केंद्र का अंश देेन के लिए 9 फरवरी 2018 को पत्र लिखा गया था, अभी तक एक पैसा भी नहीं मिला है। मंत्री ने बताया कि भावांतर भुगतान योजना में 18.45 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। जिसमें से 9.54 लाख किसानों को 1316 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। खास बात यह है कि खरीफ की प्रमुख फसलों को भावांतर के तहत बेचने की समय सीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद भी अभी तक किसानों को 212 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। 

विधायक जीतू पटवारी के एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री विश्वास सारंग ने स्वीकारा कि 2016 में प्याज खरीदने पर 81 करोड़ रुपए की हानि हुई थी। 

"To get the latest news update download tha app"