मप्र में बाढ़ का कहर, आसमानी आफत से अभी राहत नहीं, भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में भारी बारिश ने ऐसा कहर बरपाया है कि कई गांव टापू बन गए हैं| आसमान से बरस रही आफत से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है| मंदसौर और नीमच में हालात ज्यादा खराब है, यहां कई गाँव बाढ़ की चपेट में हैं| निचली बस्तियों के घरों में पानी घुस गया है। बाढ़ में फंसे लोगों का लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। वहीं मौसम विभाग की माने तो आने वाले कुछ दिनों में राहत की उम्मीद भी नहीं है। प्रदेश के 4 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जबकि 10 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश से बिगड़ते हालात को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं|

मंदसौर में बारिश ने 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां इस मानसून में अब तक 77.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। शुक्रवार शाम से रविवार सुबह तक 9 इंच बारिश हुई, जिसके कारण 200 गांवों में कमर तक पानी घुस गया। जिला प्रशासन ने 117 गांवों को खाली करा लिया है। अब तक 20 हजार लोगों को 55 राहत कैंपों में पहुंचाया जा चुका है। गांधी सागर डैम का पानी मंदसौर और नीमच जिले के 50 से अधिक गांवों में पानी घुस गया। गांधी सागर में बारिश का 16 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 5 लाख क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। इससे बांध ओवरफ्लो है।

बाढ़ क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे शिवराज  

बाढ़ में फंसे लोगों का लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा आज इन इलाकों के दौरे पर रहेंगे। मंत्री कराड़ा बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंदसौर दौरे पर हैं|     

202 लोगों की मौत

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के कारण अब तक 202 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लाख हेक्टेयर की फसल खराब हो गई है। बताया जा रहा है कि बारिश मंदसौर में 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। अब तक 20 हजार लोगों को 55 राहत कैंपों में पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री कमल नाथ के निर्देश पर वर्षा प्रभावित जिलों में जान-माल की रक्षा और बचाव के काम युद्ध-स्तर पर तेज कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने चौबीसों घंटे मुस्तैद रहते हुए आपदा से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है।  मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व एवं संबंधित जिले के कलेक्टर से सतत् संपर्क रखकर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वर्षा से प्रभावित 36 जिलों में बचाव और राहत के काम तत्काल शुरु किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 45 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

मंदसौर नीमच में रेड अलर्ट, 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट 

मध्य प्रदेश में आज भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है| मौसम केंद्र ने सोमवार को मंदसौर-नीमच में रेड अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के 4 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जबकि 10 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल-इंदौर में सोमवार-मंगलवार को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 22 सितंबर तक कभी कम कभी तेज बारिश हाे सकती है। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश का कहना है कि 23 सितंबर से ही राहत की उम्मीद है। भोपाल में अब तक 165.37 सेमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 83% ज्यादा है।

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