यह शिमला नहीं मध्य प्रदेश है, सड़कों पर बिछी सफेद चादर

भोपाल| मध्य प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज देखने को मिल रहे हैं| एक तरफ गर्मी की दस्तक है तू ठण्ड की विदाई पूरी तरह हो चुकी है| लेकिन अचानक बदले मौसम ने कई इलाकों में ठण्डक ला दी है| वहीं मध्य प्रदेश में शिमला जैसा नजारा देखने को मिला| शुक्रवार को डिंडौरी और उसके आसपास के इलाके में जमकर ओलावृष्टि हुई। जिससे सड़कों पर ओलो की सफ़ेद चादर बिछ गई| इसके अलावा मौसम के बदले मिजाज के बीच मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जिसके चलते दिन के साथ रात का तापमान अनेक स्थानों पर गिर गया। इसके चलते प्रदेश का मौसम खुशनुमा बना रहा। 

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को शाम 4 बजे डिंडौरी और उसके आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। ओले गिरने के बाद सड़कों और खेतों में सफ़ेद चादर बिछी दिखी| ओले इतनी बड़ी मात्रा में गिरे कि लगा पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही हो। आधे घंटे तक हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। ओलावृष्टि से रूसा-गोपालपुर मार्ग ओले से ढंक गया। गोपालपुर, चौरादादर, खारीडीह, बंगलादादर समेत आसपास के गांव में ओलावृष्टि का सर्वाधिक असर देखा गया है। रूसा, झनकी समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम तीन बजे से तेज बारिश हुई। बारिश और ओलावृष्टि से मौसम में ठंडक आ गई। मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के वैज्ञानिकाें के अनुसार पश्चिमी विझोभ के चलते पिछले दो तीन दिनों से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखा गया। शुक्रवार को प्रदेश के रीवा, सतना, शहडोल, होशंगाबाद सहित अनेक स्थानाें पर हल्की बारिश हुई, जिससे दिन के साथ रात के तापमान में गिरावट देखी गयी है। हालांकि इस दौरान अनूपपुर में बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन किसानों की मौत हो गयी है। यहां एक दिन पहले चार मवेशियों की भी बिजली गिरने से मौत हुयी थी।

मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ बारिश या गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों और विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, सागर, दमोह व हरदा जिलों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। 




ओले खेतों में भी गिरे, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है।

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