प्रदेश में जारी रहेगा झमाझम का दौर, इन जिलों में तेज बारिश के आसार

भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार बारिश से कई सालों के रिकॉर्ड टूट गए हैं| बुधवार सुबह 8.30 बजे तक मप्र में इस सीजन की 1204.1 मिमी. बरसात हो चुकी है। यह सामान्य(899.2मिमी.) के मुकाबले 34 फीसदी अधिक है। वहीं राजधानी में बुधवार शाम 5. 30 बजे तक इस सीजन की बरसात का आंकड़ा 1694.0 मिमी. तक जा पहुंचा। भोपाल में 39 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है| इसके साथ, 2006 की सबसे ज्यादा बारिश 1686.4 का रिकॉर्ड भी पीछे रह गया। इससे पहले 1980 में भोपाल में सर्वाधिक 1688.9 बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने गुरुवार-शुक्रवार को पन्ना, सागर, छतरपुर, विदिशा, राजगढ़, रायसेन, होशंगाबाद, खंडवा में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है| 

प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हुई है| जिससे हालात बिगड़े हुए हैं| मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक नौगांव में 35, जबलपुर में 34.5, रायसेन में 27, दमोह और खजुराहो में 16, खरगोन में 14, भोपाल(एयरपोर्ट) पर 11.9, भोपाल(शहर) 11.2, सतना में 11, पचमढ़ी में 5, बैतूल, उमरिया और रीवा में 3, सीधी और होशंगाबाद में 2, टीकमगढ़ में 1 मिमी. बरसात हुई। 

चार सिस्टम करा रहे बारिश 

वर्तमान में प्रदेश में चार सिस्टम सक्रिय, इस कारण रुक रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है और आगे भी जारी रहने वाला है| मौसम विज्ञानी के मुताबिक पूर्वी-पश्चिमी द्रोणिका सौराष्ट्र से बंगाल की खाड़ी तक बनी है। जो महाराष्ट्र, तेलंगाना, कोस्टल आंध्रप्रदेश से होकर गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी एवं उससे लगे दक्षिणी आंध्र प्रदेश तटीय क्षेत्र पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इसके गुरुवार सुबह तक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। दक्षिण मध्य प्रदेश में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। साथ ही दक्षिण मध्य प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका तटीय आंध्रप्रदेश तक हवा के ऊपरी भाग में बनी हुई है।

चम्बल के बाद सिंध नदी उफान पर 

चम्बल नदी उफान पर है, जिससे इलाके में बाढ़ से हालात खराब है| भिंड में चंबल के साथ अब सिंध नदी ने भी रौद्र रूप दिखाया है, जिससे ऊमरी क्षेत्र के करीब 10 से ज्यादा गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। पिछले दो दिनों में प्रशासन ने चंबल नदी के किनारे बसे 08 गांवों से करीब 1500 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला है। कई गांवों में लोग अब भी फंसे हुए हैं, जिन्हें बुधवार को सुबह से ही सेना और एनडीआरएफ की टीम मोटर बोट के जरिए सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे हैं। सबसे ज्यादा भयावह स्थिति टेहनगुर में बनी है। यहां सिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से आधा गांव डूब क्षेत्र में आ गया है। गांव में एक मंजिला मकानों के ऊपर तक पानी पहुंच गया। चंबल में पानी बढ़ने की वजह से प्रशासन ने जिले 42 गांव में हाईअलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही मुनादी कराकर ग्रामीणों को कभी भी गांव खाली करने के लिए सूचित कर दिया है। 

महाकोशल-विंध्य क्षेत्र के कई इलाकों में बारिश 

महाकोशल-विंध्य के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। दमोह में सुबह से हो रही बारिश से नदी, नालो में उफान आ गया है। तेंदुखेडा के पथघाट के साथ तेजगढ़ की गुरैया नदी भी उफान पर आई है। दर्जनों गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में जल भराव की स्थिति है। यहां गैसाबाद, रनेह, बरखेरा कलार, हिनोता गांवों के घर पानी से जलमग्न हो गए और लोग घर के अंदर कै द हो गए। उन्हें पुलिस और प्रशाासन के लोगों ने घरों से निकाल सुरिक्षत स्थानों पर पहुंचाया। वहीं नरसिंहपुर जिले में भी रूक-रूककर बारिश का दौर जारी है।  जिले के कुछ हिस्से झमाझम बारिश से तर-बतर हो गए।  

इन जिलों में अलर्ट 

मौसम विभाग ने 12 जिलो में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है| पन्ना, सागर, छतरपुर, दमोह, विदिशा, राजगढ़, रायसेन, रीवा, सतना, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, खंडवा में अगले 24 घंटे में तेज बारिश हो सकती है| 



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