सरकार, ये तो सीधा आपराधिक मामला है

भोपाल। होशंगाबाद कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह एवं एसडीएम रवीश कु़मार के बीच हुए विवाद की जांच रिपोर्ट संभागायुक्त रविन्द्र कुमार मिश्रा ने राज्य शासन को भेज दी है। इस पूरे मामले में बड़े खुलासे हो रहे हैं। पूरे घटनाक्रम के पीछे कलेक्टर ने नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं। प्रमुख सचिव खनिज विभाग के निर्देशों को भी कलेक्टर ने हवा में उड़ा दिया। 

खनिज विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से निर्देश जारी किए गए थे कि होशंगाबाद में हर घंटे 5:30 ट्रक इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन पास (ईटीपी ) जारी किया जाए। लेकिन कलेक्टर ने नियमों की अनदेखी करते हुए लेकिन डेढ़ घंटे में 53 ट्रक जनरेट कर दिए गए। ईटीपी शाम 5:47 बंद हो गई थी। लेकिन फिर भी ट्रक को 7:23 तक ईटीपी मिलती रही। बता दें जब इटीपी बंद हो जाती है तो नियमों के मुताबिक ट्रक की कीमत दो गुनी हो जाती है यानी 75000 का ट्रक सीधे  डेढ़ लाख का हो जाता है। लेकिन होशंगाबाद में ऐसा नहीं हुआ। पोर्टल खोल ईटीपी जारी कर दी गई। 

गौरलब है कि संभागायुक्त ने रविवार को कलेक्टर और एसडीएम को बुलाकर बयान लिए। साथ में कलेक्टर आवास पर तैनात कर्मचारी, अधिकारी एवं एसडीएम के सहयोगियों के भी बयान दर्ज किए गए। संभागायुक्त ने रविवार देर शाम रिपोर्ट तैयार कर ली। जो सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग को मिल गई है। खास बात यह है कि मंत्रालय में रिपोर्ट पहुंचने से पहले ही लीक हो गई और दोनों अधिकारियों को घटना के लिए दोषी माना गया है। संभागायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकती है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों का तबादला तय है, जबकि एक अधिकारी को नोटिस भी जारी किया जा सकता है।

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