मानव तस्करी: चेन्नई की फैक्ट्री में कराया जाता था काम, मुक्त करवाए गए एमपी के 29 नाबालिग

भोपाल

 मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मानव तस्कारी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां सोमवार को जीआरपी और चेन्नई महिला बाल विकास की टीम ने तस्करी कर चेन्नई पहुंचे बच्चों को भोपाल चाइल्ड लाइन को सौंपा। बताया जा रहा है कि बच्चों को बालाघाट से चैन्नई में फैक्ट्री में काम करवाने ले जाया गया था।अब चाइल्ड लाइन बच्चों को बालाघाट पहुंचाएगा ।

दरअसल, आज सोमवार सुबह चेन्नई से रेस्क्यू कर 29 बच्चों को भोपाल लाया गया है। इसमें 13 लड़कियां और 16 लड़के हैं। सभी बच्चों की उम्र करीब 10 से 14 वर्ष की है।उन्होंने बताया कि बच्चों को बालाघाट से चैन्नई में जूस की फैक्ट्री में काम करवाने ले जाया गया था। डेढ़ महीने काम करवाने के बाद बच्चो को बालाघाट की ट्रेन में बैठाया गया।बच्चों को बालाघाट लाने वाला शख्स पुलिस को देख कर हैदराबाद से भाग गया।आज सुबह बच्चे भोपाल रेलवे स्टेशन पर आए ।सभी बच्चों को अंडमान एक्सप्रेस से भोपाल चाइल्ड लाइन टीम को सौंप दिया है। चाइल्ड लाइन के अधिकारी बच्चों से पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के बाद सभी बच्चों को उनके घर बालाघाट भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी।

बता दे कि मध्यप्रदेश में लगातार बालश्रम के मामले सामने आ रहे हैं, प्रदेश के रीवा जिले में भी रविवार की रात पुलिस ने गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र से तीन लापता बच्चों को बरामद कर लिया है। परिजनों के द्वारा मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने 12 घंटे के भीतर निराला नगर के ज्ञान स्वीट भंडार के एक घर से तीनों लड़कों को बरामद कर लिया है।


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