मप्र में जल्द बढ़ेगी 'विधायक निधि', सीएम ने दी हरी झंडी!

भोपाल

मध्यप्रदेश में एक बार फिर विधायकों की निधि बढ़ने वाली है।  प्रदेश के विधायकों ने सरकार से विधायक निधि का फंड बढ़ाने की मांग की है।इसके लिए सिर्फ कांग्रेसी विधायक ही नही बल्कि भाजपा,  ने भी उनके सुर में सुर मिलाया है।वही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी अपना समर्थन दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्नासन दिया और कहा कि खजाना खाली होने के बाद भी किसी को निराश नही किया जाएगा।

दरअसल, आज मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुदेश राय ने प्रश्नोत्तर काल में विधायक निधि बढ़ाने को लेकर सवाल उठाया । राय ने कहा कि कई बार विकास कार्यों के लिए फंड कम पड़ जाता है, इसलिए विधायक निधि बढ़ाए जाने की जरुरत है। जिस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और जालम सिंह ने भी समर्थन दिया। वही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी निधि बढाने की वकालत की। भार्गव ने कहा कि पिछले कार्यकाल में निधि खत्म हो गई थी, तो 50 -60  लाख के काम अलग से स्वीकृत किए गए थे। विधायकों पर काम का दबाव होता है, ऐसे में निधि बढाए जाने की जरुरत है।जिस पर सीएम कमलनाथ ने कहा कि यह अच्छा सुझाव है, जब मैं सांसद था तब भी विधायक निधि बढाने की बात करता था। उन्होंने कहा कि वे इसके लिए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से चर्चा करेंगें और किसी को भी निराश नही करेंगें।

इस दौरान बातों ही बातों में कमलनाथ ने बीजेपी पर तंस कसते हुए कहा कि प्रदेश में हमें खाली तिजोरी मिली है, इस खाली खजाने से जितना हो सकेगा उतना बेहतर करने की कोशिश करेगें।वही सदन में मौजूद भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री को आज ही इसकी घोषणा करनी चाहिए, सदन में सभी सदस्य उपस्थित है, इसलिए आज ही घोषणा करना अच्छा रहेगा। इस पर भार्गव ने भी सहमति जताई।लेकिन वित्तमंत्री ने चर्चा के बाद इस पर फैसला लेने की बात कही।

बता दे कि इससे पहले साल 2016  में विधायकों की निधि बढाई गई थी।तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा सत्र के दौरान इसकी घोषणा की थी। पहले एक विधायक को 77 लाख रुपये विकास कार्य के लिये दिए जाते थे। लेकिन शिवराज के ऐलान के बाद यह राशि 1करोड़ 85 लाख कर दी गई थी। अब एक बार फिर सत्ता परिवर्तित होते ही विधायक निधि बढ़ाने की मांग उठी है।


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