व्यापमं: 'गुमनाम चिट्ठी' पर गरमाई सियासत, आमने सामने बीजेपी-कांग्रेस

भोपाल| मध्य प्रदेश में एक बार फिर व्यापमं का मुद्दा गरमा गया है| इस पूरे घोटाले में सबसे अहम् माने जाने वाली 'गुमनाम चिट्ठी' का जिक्र आते ही भाजपा और कांग्रेस आमने सामने आ गई है| दोनों ही पार्टी के नेताओं के अलग अलग दावे हैं| जिस 'गुमनाम पत्र" के आधार पर विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने घोटाला उजागर करने की घोषणा की थी वो वर्तमान में सरकार के पास उपलब्ध नहीं है, यह जानकारी गृहमंत्री बाला बच्चन ने सोमवार को विधानसभा में दी। गुमनाम चिट्ठी को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है| 

कांग्रेस सरकार में मंत्री सजन सिंह वर्मा का बयान सामने आया है, उन्होंने साफ़ कहा है कि व्यापमं घोटाले की जांच के बाद अब कई राजनेता और अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे होंगे| वहीं बीजेपी ने पलटवार किया कर कहा है कि कांग्रेस सालो से इस मामले पर राजनीति कर रही है, हर जांच का स्वागत|  व्यापम की गुमनाम चिट्ठी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बयान पर कायम हैं। उनका कहना है कि चिट्ठी के आधार पर ही व्यापम मामले की जांच कराई गई थी । जैसे ही पत्र के जरिये जानकारी मिली उसी आधार पर जांच कराई गई । कई बार चिट्ठी को लेकर जानकारी दी जा चुकी है । वहीं परिवार पर लगे आरोप पर जो करना है करे सरकार, खुली छूट। चिट्ठी में न उलझे सरकार, जांच कराये| इन सब के बीच आखिर गुमनाम चिट्ठी कहाँ यह अब भी सवाल है| 

एक ही मुद्दे पर दो सरकारों ने विधानसभा में अलग-अलग जवाब दिए हैं। बच्चन ने अपने लिखित जवाब में यह भी स्वीकार किया कि दो जुलाई 2014 को विधानसभा में इस गुमनाम पत्र का उल्लेख तत्कालीन मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) ने स्थगन पर चर्चा के दौरान अपने वक्तव्य में किया था।  विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के लिखित जवाब में बच्चन ने पहले तो इनकार कर दिया फिर सदन में संशोधित जवाब पेश कर कहा कि विभाग के पास गुमनाम पत्र उपलब्ध नहीं है, किंतु 2 जुलाई 2014 को विधानसभा में इस बात का उल्लेख तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में किया था।  वहीं ठीक चार साल पहले तत्कालीन विधायक रामनिवास रावत के सवाल के जवाब में तत्कालीन मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जवाब में स्वीकार किया था कि 20 जून 2014 को अपराध शाखा इंदौर को पीएमटी के संबंध में गोपनीय जानकारी पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई थी। उक्त पत्र अपराध शाखा इंदौर के पास है।  इधर, दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाने की मांग की है. साथ ही निर्दोष छात्र-छात्राओं को न्याय दिलाने की अपील की है| वहीं पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी विधायक भूपेंद्र सिंह ने गुमनाम चिट्ठी को लेकर कहा मुझे ऐसी किसी चिट्टी के बारे में नहीं पता, लेकिन कांग्रेस जिस भी तरह की जांच करवाने चाहती है हम उसकी स्वागत करेगे, कांग्रेस की सरकार है उसके पास सब कुछ है| हालाकिं कांग्रेस के नेता पूर्व में सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट, सीबीआई सब जगह जा चुके हैं, लेकिन किसी की जांच में कहीं कुछ नहीं निकला|

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