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शर्मनाक ! अतिथि विद्वानों की मांगों के निराकरण की बजाय शिवराज सरकार के मंत्री उनका मजाक उड़ा रहे

भोपाल

शिवराज सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया द्वारा अतिथि विद्वानों पर दिए गए बयान पर अब राजनीति शुरु हो गई है।मंत्री के इस बयान पर सिंधिया ने पलटवार किया है। सिंधिया ने मंत्री के इस बयान को बेहद शर्मनाक बताया है।वही मंत्री के इस बयान की अतिथि विद्वानों ने भी निंदा की। सिंधिया ने मंत्री का नाम लिए बगैर ही उन पर निशाना साधा है। 

सिंधिया ने ट्वीटर के माध्यम से शिवराज सरकार के मंत्री पर जमकर हमला बोला है। सिंधिया ने लिखा है कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी मांगों को लेकर ग्वालियर में अनशन पर बैठे अतिथि विद्वान शिक्षकों में से हमारी 2 महिला शिक्षिकाओं की हालत बिगड़ने के बाद भी सरकार आंख मूंद कर बैठी है| उनकी मांगों के निराकरण की ओर ध्यान देने की बजाए सरकार के जिम्मेदार मंत्री संवेदनहीन बयान देकर इनका मजाक उड़ा रहे है। अत्यंत शर्मनाक।


गौरतलब है कि ग्वालियर में संविदा पद पर नियुक्ति व पीएससी के माध्यम से सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के विज्ञापन को निरस्त करने की मांग को लेकर 8 मार्च से फूलबाग मैदान में आमरण अनशन पर बैठीं 4 महिला अतिथि विद्वानों में से दो की हालत सोमवार को बिगड़ गई। स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बावजूद यहां कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इस पर अतिथि विद्वान एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष  का कहना था कि एक दिन पहले उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने बयान दिया है कि अतिथि विद्वान अखबारों में छपने व पत्नियों को फोटो दिखाने के लिए धरना दे रहे हैं। मंत्री के इस बयान की अतिथि विद्वानों ने निंदा की।


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