'राफेल' को लेकर कांग्रेस पर गर्म हुए शिवराज, 'राहुल गांधी देश से माफ़ी मांगे'

भोपाल| सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल डील पर सवाल उठाने वाली सभी याचिकाएं खारिज करने के बाद देश की राजनीती में नई बहस छिड़ गई है| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संसद में राफेल सौदे पर जमकर हंगामा हुआ। वहीं मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत पूरी पार्टी पर जमकर हमला बोला| उन्होंने कहा कि इस मामले में उन लोगों को बेनकाब कर दिया है, जिन्होंने झूठ बोल कर देश को गुमराह किया। राहुल गांधी इसके लिए देश से माफी मांगे। उनकी हरकत से सेना की बदनामी हुई| 

शिवराज ने कहा आज राफेल मामले में माननीय सर्वोच्य नयालयाल के फैसले ने पूरे सौदे को दुनिया के सामने उजागर किया है। यह सत्य की जीत है, जिससे भारतीय सेना का मनोबल भी बढ़ा है| देश को इस तरह बदनाम करने वालों को सर्वोच्य न्यायालय के बाद देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक राष्ट्रिय पार्टी के अध्यक्ष कोरे झूठ के आधार पर देश को गुमराह करने का षड्यंत्र करते रहे| बड़ा सवाल उठता है कि आखिर कांग्रेस ने अपने शासनकाल में रफेल के सौदे में देरी क्या दलाली के लिए की गई? आखिर सौदों में बिचौलियों को क्यों रखा जाता था| उन्होंने कहा कि 2007 से 2014 तक रक्षा सौदों को लटका कर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की दोषी भी यूपीए की सरकार रही | 

बिना चिन्दी के पहाड़ बनाया, देश को बदनाम किया 

पत्रकारों से चर्चा में शिवराज ने कहा बिना चिन्दी के पहाड़ बनाया, देश को बदनाम करने की कोशिश की, उन्हें माफी मांगने चाहिए, राहुल को उजागर करना चाहिए कि किसके कहने पर वो ऐसे आरोप लगा रहे थे| 2007 से कोंग्रेस ने मामला क्यो अटकाए रखा, क्या दलाली की डील नही हो पाई थी, सारा देश जानता है कि इनके शासनकाल में बिचैलियों की भूमिका होती थी| देश जानना चाहता है कि पहले डील में बिचैलियों की जरूरत क्यों होती थी, सरकार टू सरकार डील क्यो नही होती थी| उन्होंने कहा कि विदेश में मनमोहन को लेकर पहले एक बार मुझसे पूछा गया था कि आपके पीएम मनमोहन जी अंडर एचीवर क्यो है, उस समय मैने वहा विरोध किया था, आज सुप्रीम कोर्ट ने तीनों याचिकाओं को खारिज किया, तथा डील में कोई संदेह नही होने की बात कही हैं| राहुल  गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा राहुल ने सूरज पर कीचड़ उछालने का प्रयास किया| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनको मुँह छुपाने की जगह नही मिल रही हैं| 

बता दें कि विवादित राफेल डील मामले की जांच की जाए या नहीं, इस पर आज सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है| देश की सबसे बड़ी अदालत ने फ्रांस के साथ हुए 36 लड़ाकू राफेल विमान खरीदने को लेकर अपनाई गई प्रक्रिया को सही ठहराया और कहा कि कीमत तय करना उसका काम नहीं है|


पत्रकारों के सवाल शिवराज के जवाब 

-अपनी यात्रा को लेकर बोले यात्रा पर निकलूंगा, हमे 41 फीसदी वोट मिले, यह कम नही होते

-राफेल का असर के सवाल पर जबाब, ऐसे मामलों का मुझे लगता है असर नही होता

-किसान आंदोलन का असर हुआ पर जवाब- किसान आंदोलन के बाद भी रतलाम, मन्दसौर, नीमच में हमने सीटे जीती हैं, प्रयास था कि किसानों के पसीने की कीमत मिले 

-अन्य दलों से नुकसान-वोट जो अन्य दलों में बंटने चाहिए थे वो नही बंटे, वो लगता है कोंग्रेस को मिले,  वैसे अलग अलग जगह पर अलग अलग कारण हैं

-क्या भूमिका रहेगी-हम इस समय चौकीदार की भूमिका में है, उन्होंने जो वचन दिए है वे पूरे करे, में पूरा सहयोग करूँगा, मगर वचन पूरे नही किये तो प्रखर विरोध करेंगे

-पुरानी योजनाओं का क्या होगा- शपथ लेने के बाद में कमलनाथ से मिल कर मैं अपनी सरकार की जनहितैषी योजनाओ को जारी रखने की अपील करूँगा

-शपथ समारोह में जायेंगे-शपथ ग्रहण में अगर बुलाया गया तो जरूर जाऊंगा

-कर्ज  में क्यों है प्रदेश-मप्र ने कर्ज को लेकर कभी सीमाओ का उल्लंघन नही किया

-चुनाव में नुकसान क्यों-ग्वालियर चम्बल में चुनाव में अप्रिय घटनाओ का असर हुआ है

-संघ पर बैन होगा ? जवाब- संघ शाखाओं पर बैन का फैसला कांग्रेस लेगी तो उसका परिणाम भी भुगतेगी

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