बैतूल में आज एक और किसान ने की आत्महत्या, सड़क पर शव रख ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

बैतूल/बुरहानपुर।

मध्यप्रदेश में आज फिर दो किसानों ने आत्महत्या कर ली है।एक तरफ जहां बैतूल में अम्मू उइके नाम के किसान ने खेत में जाकर फांसी लगा ली वही दूसरी ओर बुरहानपुर में गणेश पटेल नाम के किसान ने कीटनाशक पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दोनों आत्महत्याओं के पीछे कर्ज कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों के शवों को पीएम के लिए भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के  चिचोली थानाक्षेत्र के पाटाखेड़ा गांव के रहने वाले किसान अम्मू उइके पर चार लाख का कर्ज था। वह दिन रात इस कर्ज को लेकर परेशान रहता था । कर्ज के लगातार बढ़ते दबाव के लिए अम्मू ने अपने खेत पर जाकर फांसी के फंदे पर लटक कर खुदकुशी कर ली।  घटना की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद किसान को पेड़ से नीचे उतारकर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। बता दे कि शुक्रवार सुबह भी बैतूल के झाड़ेगांव के रहने वाले किसान ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।  बताया जा रहा है कि इन दोनों घटनाओं से जिले के किसानों में भारी आक्रोश है।मामले को लेकर गांव में ग्रामीणों ने किसान के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम की सूचना मिलते ही आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए।

वही बुरहानपुर जिले के खैराती बाजार क्षेत्र में रहने वाले किसान गणेश पटेल ने अपने खेत में जाकर कीटनाशक पी लिया।परिजनों ने गणेश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।बताया जा रहा है कि गणेश ने बैंकों व प्राईवेट फायनेंस कंपनियों से कर्ज ले रखा था। कंपनी और बैंक वाले कर्ज को लेकर उस पर लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके चलते वह परेशान रहता था। कर्जदारों से तंग आकर आखिरकार गणेश ने खेत पर जाकर जहर पी लिया।बता दे कि यह बुरहानपुर में 20 दिन में  दूसरा मामला है। बताया जा रहा है कि इन दोनों घटनाओं से जिले के किसानों में भारी आक्रोश है। 

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में आए दिन कर्ज से परेशान होकर किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। मौसम की मार के चलते फसल बर्बादी और फसलों के उचित दाम ना मिलने के काऱण किसान बाजार, बैंक से लिया हुआ कर्जा चुकाने में असमर्थ हो रहा है, और लगातार कर्ज के लिए बढ़ते दबाव के चलते वह आत्महत्या कर रहा है।ऐसे में सरकार की येजनाएं और घोषणाएं भी किसानों को राहत पहुंचाने में फेल हो रही है।


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