शाहजहां और मुमताज के प्रेम का गवाह यह किला, अब निजी हाथों में

बुरहानपुर| शेख रईस। केंद्र सरकार द्वारा देश के लगभग 100 पुरातात्विक धरोहरों के रखरखाव का जिम्मा निजी हाथों में देने की तैयारी की जा रही है उन 100 धरोहरों में मप्र के 7 ऐतिहासिक धरोहर भी इसमें शामिल है इस फहरिस्त में बुरहानपुर का ऐतिहासिक शाही किला जो कभी शाहजहाँ और मुमताज़ की प्रेम की कहानी का साक्षी भी रहा है।

आपको बता दे प्रेम की अनूठी मिसाल के तौर पर शाहजहाँ ने अपनी प्रेमिका मुमताज़ की याद में उत्तर प्रदेश के आगरा ताज महल बनवाया उसे पहले बुरहानपुर में ही तामीर होना था किंतु किन्ही कारण वंश वो प्रेम की अदभुत निशानी बुरहानपुर में बनने से राह गई। 

किंतु शाहजहाँ और मुमताज़ के प्रेम की यादे आज भी बुरहानपुर के शाही क़िले में बस्ती है। यह तक कि मुमताज़ ने अपनी आखरी सांस भी बुरहानपुर के इसी किले में ली थी मरने के बाद भी मुमताज़ को तकरीबन 6 माह तक ताप्ती के किनारे उनकी कब्र में रखा गया था। इस अदभुत और विराट किले में आज भी कई राज दफ़न है देश भर के ऐतिहासिक धरोहर को निजी हाथों में सौपने की कड़ी में बुरहानपुर का शाही किला भी शामिल है।

कांग्रेस और आप पार्टी ने केंद्र के इस फैसले का विऱोध शुरू कर दिया है जबकि स्थानीय विधायक व महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है।

केंद्र सरकार ने देश के लगभग 100 ऐतिहासिक धरोहरों के रखरखाव का काम निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली है इस सूची में मप्र के 7 धरोहर शामिल है इसमें बुरहानपुर का शाही किला भी शामिल है स्थानीय विधायक व मप्र की महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है।

वहीं केंद्र सरकार के इस फैसले का विपक्षी दल कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने एक स्वर में विरोध किया है कांग्रेस का कहना है इसे रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा जरूरत पडी तो न्यायलय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा

उधर आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले बुरहानपुर को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की साथ ही बुरहानपुर के शाही किले सहित मप्र के 7 ऐतिहासिक धरोहरों के रखरखाव का काम निजी हाथों में दिए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग है।