Breaking News
व्यापमं का जिन्न फिर बाहर: दिग्विजय ने शिवराज, उमा समेत 18 के खिलाफ किया परिवाद दायर | चुनाव लड़ने का इंतजार कर रहे बीजेपी के 70 विधायकों में मचा हड़कंप! | अधिकारी की कलेक्टर को नसीहत, 'आपकी कार्यशैली पर लज्जा आती है, तबादला करा लें' | दागियों का कटेगा टिकट, साफ-सुथरी छवि के नेताओं को चुनाव में उतारेगी भाजपा | फ्लॉप रहा कांग्रेस का 'घर वापसी' अभियान, सिर्फ कार्यकर्ता लौटे, नेताओं ने बनाई दूरी | शिवराज कैबिनेट की बैठक ख़त्म, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर | सीएम चेहरे को लेकर सोशल मीडिया पर जंग, दिग्विजय भड़के | मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव, महिदपुर- नागदा के बीच की घटना, पुलिस वाहन के कांच फूटे | अब भोपाल में राहुल ने फिर मारी आंख, वीडियो वायरल | एमपी की 148 सीटों पर खतरा, बिगड़ सकता है बीजेपी का चुनावी गणित |

घायल को मृत बताकर मरचुरी में रखवाया, पोस्टमार्टम से पहले चलने लगी सांसें

छिंदवाड़ा|  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है| यहां जिला अस्पताल में जिंदा युवक को मृत बताकर उसे शव गृह में रखवा दिया। लेकिन जब उसे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगे तो परिजनों ने देखा कि उसकी सांस चल रही है। इस खबर से हड़कंप मच गया| डाक्टर ने जब चेक किया तो सांसें चल रही थी, जिसके बाद घायल को मरचुरी से बाहर निकाल कर वार्ड में भर्ती किया गया उसके बाद इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया गया ।  जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, इस घटनाक्रम के बाद परिजनों ने जमकर आक्रोश दिखाया| 

दरअसल, पूरा मामला यह है रविवार शाम 7 बजे हिंगलाज मन्दिर अम्बाडा के पास हिमांशु भरद्वाज प्रोफेसर कालोनी निवासी सड़क हादसे में घायल हो गए थे उन्हें जल्द घटना से प्राथमिक उपचार के लिए निजी अस्पताल लाया गया था हालत गंभीर होने के कारण नागपुर के न्यूरान हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन न्यूरान के डाक्टरों ने माइंडडेथ बताकर घायल को वापस भेज दिया | उसके बाद परिजनों ने जिला अस्पताल लाया यहां डाक्टरों की लापरवाही सामने आई | घायल को मरचुरी में रखवा दिया और जब सुबह डक्टर निर्णय पांडे पोस्टमार्टम करने पहुचे तो मृत बताए मरीज की साँसे चल रही थी | आनन फानन में मरीज को इलाज के लिए वार्ड में भर्ती कराया उसके बाद डाक्टरों ने नागपुर रेफर कर दिया | इस घटना की जानकारी जिसको भी लगी वो अस्पताल पहुचने लगे अस्पताल में काफी भीड़ होते देख पुलिस भी पहुच चुकी थी ।  अस्पताल के डॉक्टर गेडाम का कहना है की ब्रेनडेड होने के कारण साँसे रुक जाती है दोबारा वापस आ गई । लेकिन डाक्टरों ने  अपनी लापरवाही स्वीकार नही की । घटना के बाद से परिजनों में आक्रोश है, इस घटना ने छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टरों की लापरवाही भी उजागर कर दी है। 


  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...