लोकायुक्त का शिकंजा, सब्सिडी दिलाने के बदले 20 हजार की रिश्वत लेते धराया ब्रांच मैनेजर

छिंदवाड़ा।

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में लोकायुक्त की टीम ने बैंक के मैनेजर को रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को जबलपुर लोकायुक्त ने अंजाम दिया है। आरोप है कि ब्रांच मैनेजर ने केसीसी एवं सरकारी योजना में सबसिडी के नाम पर 30 हजार रुपए की रिश्वत किसान से मांगी थी। प्रफुल्ल परांजपे सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक बीसापुर कला के ब्रांच मैनेजर के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त ने बैंक मैनेजर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक बीसापुर कला के ब्रांच मैनेजर प्रफुल्ल परांजपे ने  बीसापुर कला में रहने वाले किसान जय सिंह  से केसीसी एवं सरकारी योजना में सबसिडी के नाम के नाम पर तीस हजार की रिश्वत की मांग की थी। इसको लेकर  किसान जय सिंह ने जबलपुर लोकायुक्त से शिकायत की। टीम ने कार्रवाई करते हुए एक योजना बनाई और किसान को रिश्वत की किश्त लेकर मैनेजर के पास भेजा। जैसे ही किसान ने किश्त के  20 हजार रुपये मैनेजर को दिए वैसे ही टीम ने उसे रंगेहाथों धर दबोचा। टीम ने जब उसके हाथ धुलवाए तो वह गुलाबी हो गए। इस बीच लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर ब्रांच मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ लिया।आरोपी प्रफुल्ल परांजपे साल 2016 से बिसापुरकला में पदस्थ है। वह मूलरूप से बैतूल जिले के मुलताई का निवासी है। कार्रवाई को अंजाम देने में जबलपुर लोकायुक्त डीएसपी एचपी चौधरी, निरीक्षक कमल उइके, ऑस्कर किंडो, आरक्षक सागर सोनकर, दिनेश दुबे एवं राकेश विश्वकर्मा शामिल रहे। लोकायुक्त ने मैनेजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सहित अन्य धारा में अपराध दर्ज किया गया है।