सरपंच पोपसिंह हत्याकांड मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास

देवास। विजयागंज मंडी रोड़ पर ग्राम बोरखेड़ी धाकड़ के पास सरपंच पोपसिंह धाकड़ की चुनावी रंजिश के चलते दारासिंह पिता भवानीसिंह राजपूत 32 वर्ष निवासी मेंढकीधाकड़ हालमुकाम आवासनगर, कमल पिता बद्रीलाल जाट 23 वर्ष निवासी नेवरी,हाटपीपल्या, पंकज पिता समरथलाल पाटीदार निवासी नेवरी,हाटपिपल्या और शिवम पिता जयसिंह धाकड़ 29 वर्ष निवासी मेंढकी धाकड़ ने एकमत होकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। 

मंगलावार को विशेष न्यायाधीश योगेश चंद्र गुप्त ने सभी आरोपियों को सबूतों और गवाहों के आधार पर दोषी मानते हुए आजीवन कारवास की सजा सुनाते हुए 81 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। शासन की ओर से पैरवी उप संचालक अभियोजन अजयसिंह भंवर ने की। सहयोग कोर्ट मुंशी सतीश पंजाबी का रहा। दरअसल पोपसिंह धाकड़ और शिवम धाकड़ ने क्षेत्र में  सरपंच का चुनाव लड़ा था। जिसमें पोपसिंह धाकड़ ने जीत हॉसिल की और सरपंच बन गया था। तभी से दोनों के बीच रंजिश चली आ रही थी। 14 मई 2010 को जब पोपसिंह धाकड़ सुबह करीब 11.30 बजे अपने भतीजे के साथ खरंजा निर्माण देखने के लिए बोरखेड़ी धाकड़ जा रहा था। तभी दो बाइक से मुंह पर कपड़ा बांधकर आए चार लोगों ने सरपंच पोपसिंह को गोली मार दी थी। जिससे पोपसिंह गंभीर घायल हो गया था। जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती किया था। जहां से डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बीएनपी पुलिस ने अज्ञात चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस ने दारासिंह पिता भवानीसिंह राजपूत 32 वर्ष निवासी मेंढकीधाकड़ हालमुकाम आवासनगर, कमल पिता बद्रीलाल जाट 23 वर्ष निवासी नेवरी,हाटपीपल्या, पंकज पिता समरथलाल पाटीदार निवासी नेवरी,हाटपिपल्या और शिवम पिता जयसिंह धाकड़ 29 वर्ष निवासी मेंढकी धाकड़ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। तबसे ही मामला कोर्ट में विचारधीन था मंगलवार को आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार दिया।