Breaking News
अधिकारी की कलेक्टर को नसीहत, 'आपकी कार्यशैली पर लज्जा आती है, तबादला करा लें' | दागियों का कटेगा टिकट, साफ-सुथरी छवि के नेताओं को चुनाव में उतारेगी भाजपा | फ्लॉप रहा कांग्रेस का 'घर वापसी' अभियान, सिर्फ कार्यकर्ता लौटे, नेताओं ने बनाई दूरी | शिवराज कैबिनेट की बैठक ख़त्म, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर | सीएम चेहरे को लेकर सोशल मीडिया पर जंग, दिग्विजय भड़के | मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव, महिदपुर- नागदा के बीच की घटना, पुलिस वाहन के कांच फूटे | अब भोपाल में राहुल ने फिर मारी आंख, वीडियो वायरल | एमपी की 148 सीटों पर खतरा, बिगड़ सकता है बीजेपी का चुनावी गणित | LIVE: ऊपर से टपकने वाले को नहीं मिलेगा टिकट : राहुल गांधी | राहुल की सभा में उठी सिंधिया को सीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग |

किसान से 50 हजार की रिश्वत मांग रहा था सहायक कृषि यंत्री, लोकायुक्त ने रंगेहाथों धर दबोचा

देवास| लोकायुक्त पुलिस ने कृषि अभियांत्रिकी विभाग में पदस्थ सहायक कृषि यंत्री को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है| अधिकारी ने आगर मालवा जिले के ग्राम सुसनेर के किसान से पचास हजार की मांग की थी, जिसकी शिकायत किसान ने लोकायुक्त को की थी| आज लोकायुक्त की टीम ने अधिकारी को रंगेहाथों धर दबोच लिया| 

जानकारी के मुताबिक, शासन की योजनानुसार सुसनेर के किसान जगदीश पाटीदार ने 53 लाख रुपए के कृषि उपकरण खरीदी थे| योजना के अनुसार इस योजना के तहत किसानों को 40 फीसदी सब्सिीडी मिलती है जो कि सीधे खाते में आती है| किसान ने थ्रेशर, ट्रैक्टर, मोटरपंप सहित अन्य कृषि उपकरण खरीदे, जिसके निरीक्षण के लिए देवास से सहायक कृषि यंत्री योगराज सावरकर सुसनेर पहुंचे थे। सभी उपकरणों को देखने के बाद इसकी रिपोर्ट आगे भेजना थी, जिसके बाद ही किसान को सब्सिडी का फायदा मिलता। किसान दस दिन से अधिकारी के चक्कर लगा रहा था। इसके बाद भी उसकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। किसान ने लोकायुक्त में लिखित में शिकायत की, जिसके बाद बुधवार को अधिकारी को उसके कार्यालय में ही गिरफ्तार कर लिया गया । सावरकर के पास देवास, शाजापुर व आगर मालवा जिले का प्रभार है, जिसके तहत आने वाले किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना है। आरोपित अधिकारी सावरकर को किसान जगदीश पाटीदार ने नकद 2-2 हजार नोट के बीस हजार रुपए दिए। नोट देते ही लोकायुक्त की टीम ने अधिकारी को दबोच लिया और उनके हाथ से नोट लेकर उन्हे केमिकल में डाला गया, जो गुलाबी हो गए थे। इसके बाद लोकायुक्त की पुरी कार्रवाई चलती रही और अंत में 50 हजार रुपए के मुचलके पर अधिकारी को छोड़ दिया गया।

  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...