बैंक कर्ज़ और मौसम की मार से परेशान किसान ने देवास में की आत्महत्या

देवास। मध्य प्रदेश में किसानोंं पर पहले  कर्ज का मार थी अब मौसम ने भी रहम नहीं किया। दोवास ज़िले में एक किसान ने सोयाबीन की फसल खराब होने और कर्ज से तंग आकर आत्महत्या करली। किसान का नाम जगदेव सिंह बघेल बताया जा रहा है। उनके परिवार ने बताया कि वह काफी समय से कर्ज को लेकर परेशान थे। वहीं, बारिश से सोयाबीन की फसल भी तबह हो गई। 

जगदेव के परिवार ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सोयाबीन बोई थी। लेकिन लगातार हुई बारिश से उनकी फसल खराब हो गई। बारिश रुकने के बाद जब वह अपने खेत का मुआयना करने पहुंचे तो सोयाबीन की फसल पानी में डूब चुकी थी। इस मंज़र ने उन्हें झकझोंर कर रख दिया। उन्होंने घर में जाकर अपने कमर में फांसी लगाली। कुछ देर बाद उनके घरवालों ने लाख फंदे र लटकी देखी। जिसके बाद घर में मातम पसर गया। 

सरकार के दावे की खुली पोल

कांग्रेस सरकार दावा करती आ रही है कि किसानोंं का कर्ज माफी किया जा रहा है। लेकिन देवास में जगदेव के परिवार ने बताया कि उनपर दो लाख का कर्ज था। फसल से इस बार उम्मीद थी लेकिन बारिश ने सब चौपट कर दिया। खेत में पानी में डूबी फसल देखने के बाद जगदेव बेहद निराश थे। उनपर बैंक का कर्ज अबतक माफ नहीं हुआ।  किसान के आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

जगदेव सिंह बघेल सोनकच्छ के वॉर्ड क्रमांक 13 में रहते थे. सोनकच्छ कमलनाथ सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का निर्वाचन क्षेत्र है। बारिश की मार-मध्य प्रदेश में इस बार हो रही भारी वर्षा के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं. मालवा में सोयाबीन की फसल भी अब तक 70 फीसदी चौपट हो चुकी है. सोयाबीन के साथ उड़द,मक्का और सब्जियों की फसल भी पानी में ख़राब हो गयी है।

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