पति ने फोन पर कहा-तलाक तलाक तलाक, पत्नी ने PM मोदी को खून से खत लिख मांगा इंसाफ

देवास

देशभर में तीन तलाक के मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है।आए दिन तीन तलाक के मामले सामने आ रहे है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई 

व्यक्ति  बोलकर, लिखित या फिर इलैक्टोनिक (एमएसएस या व्हाट्स एप) पर तलाक देता है तो उसे अवैध माना जाएगा।इसके लिए पति को तीन साल की कैद का प्रावधान निश्चित है। लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद भी फोन पर तलाक के मामले थमने का नाम नही ले रहे है।ताजा मामला मध्यप्रदेश के देवास का है, जहां एक मुस्लिम महिला ने पति द्वारा फोन पर तलाक दिए जाने के विरोध में पीएम मोदी को खून से खत लिखा है और अपनी परेशानी बताई है।

दरअसल, निकहत खान देवास की रहने वाली है। निकहत का निकाह 15 मई 2011 को जावेद से हुआ था। निकाह के छह महीने बाद जब निकहत गर्भवती थी तब उसके शौहर ने उसे घर से निकाल दिया।इसके बाद निकहत के परिवार वालों ने बात करके मामला सुलझाने की कोशिश की लेकिन मामला नही सुलझा। फिर एक दिन जावेद ने निकहत को फोन पर तलाक तलाक तलाक कह दिया। इसकी शिकायत निकहत के अम्मी-अब्बू ने पुलिस में की। पुलिस ने भी राज़ीनामें की कोशिश कर मामला सुलझाने की बात की,लेकिन नाकाम रही।लेकिन पुलिस ने जावेद के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की। इस मामले में निकहत कलेक्टर जनसुनवाई में भी अर्जी लगा चुकी है, लेकिन कोई हल नही निकला। निकहत का 6 साल का बेटा है। पिता के साथ रहते हुये कपड़े सिलकर निकहत अपना गुजारा कर रही है। बीते सालों में निकहत के शौहर जावेद की तरफ से कोर्ट से तलाक के नोटिस आते रहे। जब निकहत ने नोटिस लेने से मना किया तो पुलिस ने ज़बरदस्ती नोटिस थमा दिया। निकहत की तरफ से अदालत में लगाया केस पर भी तारीख़ पर तारीख़ लगती रही। हद तो तब हो गई जब निकहत के तलाक दिए बगैर पति जावेद ने शरियत के खिलाफ़ जाते हुये दूसरा निकाह कर लिया। उम्मीदों से टूटा और परेशान निकहत ने अंतत: पीएम नरेन्द्र मोदी से न्याय की गुहार लगाई और को खून ने पत्र लिखकर इंसाफ मांगा है। महिला ने लिखा है कि वो तलाक की वजह से छह साल से परेशान है. पुलिस, प्रशासन औऱ अदालत के ज़रिये उसकी परेशानी खत्म नहीं हो पा रही है।

खत में क्या लिखा है

माननीय प्रधानमंत्री जी...मैं अपने खून से खत लिख रही हूं. सच लिख रही हूं। आपकी सरकार में आये तलाक के कानून को मैंने सुना तो मैं अपनी पीड़ा आपको इस खत के ज़रिये बताने जा रही हूं।  मेरे साथ तलाक के नाम पर घोर नाइंसाफी हुई है। मेरा ना पुलिस ने साथ दिया ना ही कोर्ट ने। मोदी जी एक आपसे ही उम्मीद करती हूँ कि मुझे आप इंसाफ दिलायेंगे।

                   एक बेबस निकहत खान