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एमपी बोर्ड की कॉपियों से रुपयों की बारिश, एग्जाम पास कराने छात्रों ने रखे 50-100 के नोट

डिंडौरी।

प्रदेश में दसवीं और बारवीं की परिक्षाएं हो चुकी है। इन दिनों कॉपियों का मूल्याकंन का सिलसिला जारी है। लेकिन मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को किसी कॉपी में नोट तो किसी कॉपी में पास करने की विनती लिखी हुई मिल रही है। ये देख शिक्षक भी हैरान है। परीक्षार्थी पेपर हल नहीं करने पर इस उम्मीद से नोट रखे हुए हैं कि शायद परीक्षक तरस खाकर कुछ नंबर बढ़ा कर देंगे। कुछ इस तरह का मामला मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से सामने आया है। यहां शिक्षकों को 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच के दौरान उसमें से पचास और सौ के नोट मिल रहे है।

जानकारी के अनुसार, इन दिनों जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की जांच की जा रही है। यहां एक शिक्षक को  मूल्यांकन के दौरान कॉपियों में  50 से 100 के नोट मिले है और नीचे लिखा है कि सर पास कर दीजिएगा। इतना ही नहीं हद तो तब हो गई जब एक छात्रा ने अपनी शादी का हवाला देते हुए लिखा है कि पास कर दो गुरु जी, इसकी वजह से शादी नहीं हो पा रही है।

वही परीक्षकों ने भी इस बात को स्वीकार किया है। उनका मानना है कि साल भर परिक्षार्थी पढ़ते नही और फिर ऐसा काम करते है। पहले भी इस तर के मामले सामने आए है। परिक्षार्थी कभी कॉपियों में नोट रखकर, कभी शादी का हवाला देकर, कभी परिवार की कोई मजबूरी बताकर पास करने पर जोर डालते है। ऐसा करने से ना सिर्फ वो शिक्षकों का समय बर्बाद करते है बल्कि मां-बाप को भी धोखा देते है औऱ अपना भविष्य भी खराब करते है। फिलहाल नोट तो कॉपी जांचने वाले शिक्षकों की जेब में जा रहा है लेकिन नंबर वे ईमानदारी से ही दे रहे है उन पर नोटों का भी असर नहीं हो रहा है।


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