हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद अमिताभ बच्चन ने लिखी भावुक कविता, जरूर पढ़ें.. दिल छु लेगी BIG-B की बात

मुंबई|  बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन उनके फैंस के लिए सबकुछ हैं, देश ही नहीं दुनिया भर में उनके करोड़ों चाहने वाले हैं जो हमेश उनके सवस्थ रहने की कामना करते हैं| जब भी उनकी तबियत नासाज होती है तो सोशल मीडिया पर लोगों की दुआओं की भरमार देखने को मिलती है| एक बार फिर अमिताभ बच्चन का स्वास्थ खराब हुआ था,  अमिताभ बच्चन शुक्रवार को लीलावती अस्पताल में भर्ती थे| बताया गया कि बीते कुछ समय से अमिताभ गरदन और स्पाइन के दर्द से परेशान थे, इसीलिए उन्हें लीलावती में भर्ती करवाया गया | अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपने प्रशंसकों के लिए बिग बी ने एक कविता लिखकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं।

सदी के महनाया ने ब्लॉग के जरिए लिखी कविता में अस्पताल जाने के अनुभवों को साझा किया है। अमिताभ शुक्रवार शाम को स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए लीलावती अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने लिखा कि अस्पताल जाना उनकी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे वह उम्र के इस पड़ाव तक जारी रखे हुए हैं।



“जी हाँ जनाब मैं अस्पताल जाता हूँ

बचपन से ही इस प्रतिकिया को जीवित रखता हूँ ,

वहीं तो हुई थी मेरी प्रथम पयदाइशि चीत कार

वहीं तो हुआ था अविरल जीवन का मेरा स्वीकार

इस पवित्र स्थल का अभिनंदन करता हूँ मैं

जहाँ इस्वर बनाई प्रतिमा की जाँच होती है तय

धन्य है वे ,

धन्य हैं वे

जिन्हें आत्मा को जीवित रखने का सौभाग्य मिला

भाग्य शाली हैं वे जिन्हें , उन्हें सौभाग्य देने का सौभाग्य ना मिला

बनी रहे ये प्रतिक्रिया अनंत जन जात को

ना देखें ये कभी अस्वस्थता के चंडाल को

पहुँच गया आज रात्रि को Lilavati के प्रांगण में

देव समान दिव्यों के दर्शन करने के लिए मैं

विस्तार से देवी देवों से परिचय हुआ

उनकी वचन वाणी से आश्रय मिला

निकला जब चौ पहियों के वाहन में बाहर ,

‘रास्ता रोको’ का ऐलान किया पत्र मंडली ने जर्जर

चाका चौंद कर देने वाले हथियार बरसाते हैं ये

मानो सीमा पार कर देने का दंड देना चाहते हैं वे

समझ आता है मुझे इनका व्यवहार ;

समझ आता है मुझे, इनका व्याहार

प्रत्येक छवि वार है ये उनका व्यवसाय आधार ,

बाधा ना डालूँगा उनकी नित्य क्रिया पर कभी

प्रार्थना है बस इतनी उनसे मगर , सभी

नेत्र हीन कर डालोगे तुम हमारी दिशा दृष्टि को

यदि यूँ अकिंचन चलाते रहोगे अपने अवज़ार को

हमारी रक्षा का है बस भैया, एक ही उपाय ,

इस बुनी हुई प्रमस्तिष्क साया रूपी कवच के सिवाय

– Amitabh Bachchan

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