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सरकार के रोजगार के दावे खोखले, हर दूसरा व्यक्ति मजदूर

भोपाल। मप्र सरकार द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे मजदूरों के पंजीयन कार्यक्रम में बेहद चौकाने वाला खुलासा हुआ है। 15 अप्रैल तक प्रदेश भर में 1 करोड 89 लाख असंगठित मजदूरों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। जो सरकार के रोजगार के दावों की पोल खोल रहे हैं। यानी 18 से 60 साल की आयु का हर व्यक्ति मजदूर है। सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 18 से 60 साल के व्यक्तियों की संख्या 4 लाख करीब है। अभी पंजीयन का काम जारी है। मजूदरों का यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। 

मजूदरों के पंजीयन का कार्यक्रम विधानसभा चुनाव के मद्देजन शुरू किया है। यानी पंजीयन का आंकड़ा सामने आने बाद राज्य सरकार पंजीकृत मजदूरों के लिए चुनाव से पहले कोई बड़ी सौगात दे सकती है। जिसमें आवास, चिकित्सा सहायता, राशन, मुक्त शिक्षा, पेंशन, आर्थिक सहायता, जीवन बीमा, प्रसूति सहायता, छात्रवृत्ति समेत तमाम योजनाएं का लाभ देने का ऐलान हो सकता है। सरकार करीब 2 करोड़ मजदूरों के वोट बैंक को सीधे तौर पर साधने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मजदूरों की पंचायत बुलाकर घोषणा कर सकते हैं। इसके संकेत भी दे चुेक हैं। अभी तक पंजीकृत मजूदरों का जो आंकड़ा सामने आया है,  उसके अनुसार प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। यानी पढ़े-लिखे युवाओं ने भी मजूदरी के लिए पंजीयन कराया है। सरकार भले ही मजदूरों के आंकड़ों का ढिंढौरा पीट रही है, लेकिन यह आंकड़े सरकार के 15 साल के विकास, रोजगार एवं स्वर्णिम मप्र के दावों की पोल खोल रहे हैं। 


उल्लेखनीय है कि 2011 की मतगणना के अनुसार प्रदेश की कुल कार्यशील जनसंख्या 3.15 करोड़ थी। 

   


क्या है असंगठित कर्मकार

ऐसा व्यक्ति जो प्रत्यक्षत या किसी एजेंसी या ठेकेदार के माध्यम से एक या अधिक अनुसूचित नियोजन/नियोजनों में लगा हुआ है। चाहे मजदूरी के लिए हो या बिना मजदूरी के लिए।  ऐसा व्यक्ति जो गृह आधारित कर्मकार या आकस्मिक अथवा संविदा कर्मकार या स्व-नियोजित कर्मकार है ।  ऐसा व्यक्ति जिसे किसी नियोजक या ठेकेदार द्वारा कच्चा माल उसे परिवर्तित करने या कोई उत्पाद बनाने या किसी कार्य के लिए दिया जाता हो या फेरी लगाकर या गली में बेचने के लिए तैयार माल दिया जाता है।


सबसे ज्यादा मजदूर छिंदवाड़ा में 

प्रदेश में सबसे ज्यादा मजदूर छिंदवाड में 7 लाख 30 हजार हैं। भोपाल में 4.61 लाख मजदूर हैं जिसमें से नगर निगम क्षेत्र में 3.71 लाख मजदूरों ने पंजीयन कराया है। जबलपुर में 5.68 लाख मजदूरों में से 2.08 लाख शहरी क्षेत्र से है। ग्वालियर में 2.49 लाख मजूदरों में से 71 हजार शहरी क्षेत्र के हैं। इंदौर में 3.25 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, इनमें से 1.11 लाख शहरी क्षेत्र के हैं। इसी तरह धार में 6.94 लाख, रीवा में 6.03, बैतूल में 5.39 लाख, शिवपुरी में 5.25 लाख, खरगोन में 4.90 लाख, सागर 4.69 लाख, विदिशा 4.50 लाख, सिगरोली में 4.44 लाख मजदूर पंजीकृत हुए हैं | 

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