मुख्यमंत्री की नाराजगी पर गौरी सिंह मंत्रालय से बाहर

भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह को राज्य शासन ने मंत्रालय से बाहर प्रशासन अकादमी का महानिदेशक पदस्थ किया है। उनकी कार्यप्रणाली से विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ तक नाराज थे। उन्होंने पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण संबंधी आदेश बिना मंत्री के अनुमोदन के जारी कर दिया था। जब यह मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंचा तो उन्हें तत्काल विभाग से हटा दिया गया। पशु पालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव को पंचायत विभाग की कमान सौंपी गई है। 

1987 बैच की आईएएस अधिकारी गौरी सिंह मप्र आईएएस एसोसिएशन की अध्यक्ष भी हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि उनकी पंचायत मंत्री से पटरी नहीं बैठ रही थी। लंबे समय से दोनों के बीच तनातनी भी चल रही थी। हालांकि पूर्व में भी मंत्री ने एसीएस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, लेकिन एसीएस ने अपने स्तर पर त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण के आदेश सभी कलेक्टरों को जारी कर दिए थे। उनके तबादले की वजह यही बताई जा रही है। वहीं मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि गौरी सिंह ने हाल ही में भूमि एवं जल संरक्षण प्रशिक्षण संस्थान  (वाल्मी)से कालोनियों के लिए रास्ता देने की मंजूरी दे दी है। जबकि इससे पहले तीन अपर मुख्य सचिव निजी कॉलोनियों के लिए वाल्मी से रास्ता देने के प्रस्ताव को ठुकरा चुके थे। यह मामला भी मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। 

करीबी बताते थे भावी सीएस

विभागीय सूत्रों ने बताया कि गौरी सिंह के करीबी विभाग में उन्हें मप्र का भावी मुख्य सचिव बताते थे। बताया गया कि कुछ बैठकों में उन्होंने खुद को भविष्य का मुख्य सचिव बताया था। इस वजह से विभाग की उनकी तूती बोलती थी 

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