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मप्र भाजपा को मिल सकता है नया प्रदेश प्रभारी.!

भोपाल। प्रदेश भाजपा में एक बार फिर बदलाव की अटकलें शुरू हो गई हैं। इस संभावित बदलाव में इस बार प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को बदले जाने की चर्चा है। सत्तारूढ़ दल के गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है। इन्हीं अटकलों के बीच चर्चा है कि रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी संस्था का भोपाल में इंस्टीट्यूट शुरू नहीं होने से नाराज हैं। हालांकि इसको लेकर सत्ता और संगठन की ओर से किसी तरह की अधिकृत पुष्टि नहीं की है। 

भाजपा संगठन के उच्च सूत्र विनय सहस्त्रबुद्धे को बदले जाने का कारण भाजपा हाईकमान द्वारा उन्हें दिल्ली में संस्कृति परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया है। जबकि वे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है। ऐसे में वे दिल्ली में व्यस्थता के चलते मप्र को समय नहीं दे पा रहे हैं। पिछले छह महीने के भीतर सहस्त्रबुद्धे ने मप्र से ज्यादातर दूरी बनाए रखी है। दिल्ली भाजपा के सूत्रों के अनुसार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अगले एक महीने के भीतर या फिर कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद अपनी टीम में बदलाव कर सकते हैं। ऐसे में वे मप्र समेत अन्य राज्यों के प्रदेश प्रभारियों को भी बदल सकते हैं। 


कार्यकर्ताओं से दूर रहे सहस्त्रबुद्धे

मप्र के प्रभारी के रूप में विनय सहस्त्रबुद्धे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूरे समय दूरी बनाए रखी है। मप्र का दायित्व मिलने के बाद वे सिर्फ बैठकों तक ही सीमित रहे हैं। उन्होंने कभी भी पार्टी कार्यकर्ता अथवा पदाधिकारियों को समय नहीं दिया है। जिस वजह से मप्र भाजपा का बड़ा खेमा सहस्त्रबुद्धे से नाराज भी है। 


नहीं खोल पाए नेता बनाने की पाठशाला

संघ विचारधारा की मुंबई की संस्था रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी का इंस्टीट्यूट भोपाल में खोलने प्रयास विनय सहस्त्रबुद्धे ने शुरू किए थे। पिछले साल उन्होंने इसका ऐलान भी किया था, लेकिन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप नाम से संचालित होने वाली यह संस्था भोपाल में नहीं खुल पाई है। इस संस्था के जरिए युवाओं को नेता बनने के गुर सिखाए जाने की तैयारी थी।

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