पूर्व मुख्यमंत्री को भी मात दे चुके हैं यह नेता, अब भाजपा छोड़ कांग्रेस से लड़ेंगे चुनाव

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता सरताज सिंह ने गुरूवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। वह सिवनीमालवा से वर्तमान विधायक हैं। लेकिन इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काटने के संकेत दे दिए थे। बीजेपी की तीसरी लिस्ट में सिवनीमालवा की सीट होल्ड रखी गई है। लेकिन बीजेपी के ऐलान से पहले ही वह कांग्रेस में शामिल हो गए और कांग्रेस की पांचवी लिस्ट में उनके नाम पर मुहर लग गई। सरतार ऐसे दिग्गज नेता हैं जिनके नाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह को लोकसभा चुनाव में हराने का रिकॉर्ड है। 

सन 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के दो कद्दावर नेताओं के बीच होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र में तगड़ा मुकाबला था। उस दौर में अर्जुन सिंह का एमपी की सियासत में सिक्का चलता था। राजधानी भोपाल से लेकर दिल्ली तक उनका नाम हाई प्रोफाइल नेताओं में शुमार था। लेकिन इस भ्रम को तोड़ा सरताज सिंह ने। उन्होंने 1998 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह को हराया था। सरताज सिंह केंद्र सरकार में भी मंत्री रहे हैं। 

गौरतलब है कि 70 पार के फॉर्मूले को आधार बनाकर शिवराज सरकार ने सरताज सिंह को कैबिनेट मंत्री के पद से हटा दिया था। उनके साथ गौर को भी मंत्री पद से विदा किया गया था। लेकिन दोनों नेताओं ने अपनी ताकत चुनाव में टिकट बंटवारे के दौरान दिखाई। गौर ने अपनी बहु कृष्णा गौर के लिए बीजेपी पर दबाव बनाया तो सरताज ने भी पार्टी के खिलाफ जाते हुए कांग्रेस की सदस्या लेकर होशंगाबाद से वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।