यहाँ राजा रूप में पूजे जाते हैं श्रीगणेश, मन्नत की अर्जी लेकर दरबार में हाजिरी लगाते हैं भक्त

गुना| देश भर में गणेशोत्सव की धूम हैं| कहा जाता है बप्पा दस दिनों के लिए आते हैं और अपने भक्तों के सभी दुःख हर कर कर ले जाते हैं| प्रदेश भर के गणेश मंदिरों में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो अपनी मनोकामना लेकर भक्त गणेश जी के पास पहुँच रहे हैं| प्रदेश में एक ऐसा भी मंदिर हैं जहां क्षेत्र के लोग भगवान् गणेश को राजा के रूप में पूजते हैं और यहां दरबार लगता है| जहां अपनी मन्नत की अर्जी पर्ची में लिखकर हजारों की संख्या में भक्त गणेश के दरबार में हाजिरी लगाते हैं| 

हम बात कर रहे हैं गुना जिले के एक छोटे से कस्बे चाचोड़ा की, जहां पर राजा विक्रमादित्य के जमाने से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है और यहां के क्षेत्र के लोग आज भी भगवान गणेश को अपना राजा मानते हैं और हर सुख दुख और मुसीबत में भगवान के शरण में आकर अपनी बात पर्ची पर लिखकर भगवान को अर्पण करते हैं| भगवान गणेश भी पूर्णता से उनकी बातें सुनकर उस पर जल्द ही फैसला सुनाते हैं | 


निराला है भक्त और भगवान् का रिश्ता

चाचौड़ा के प्रसिद्ध भगवान सुधा लाला गणेश जी हजारों सालों से यहां पर विद्यमान है और भगवान यहां पर अपने भक्तों की आर जी भी कुछ निराली तरीके से सुनते हैं यहां आने वाले वक्त बताते हैं कि भगवान को यहां से निमंत्रण के जरिए उनके शुभ कार्यों में भी बुलाया जाता है और अपने मन की बात भी हो यहां पर कागज पर लिखकर भगवान को अर्पण करते हैं और जल्दी से उनकी सुनवाई भी यहां के राजा भगवान गणेश सुनते हैं | 


मन्नत पूरी होने पर होते हैं धार्मिकअनुष्ठान 

मन्नत पूरी होने पर लोग धार्मिक अनुष्ठान और कन्या भोज भी कराते हैं, आस्था का केंद्र बन चुका भगवान गणेश का यह मंदिर जिले में इकलौता ऐसा मंदिर है जहां पर भगवान को कागज पर लिखकर लोग अपनी मन्नत मांगते हैं| प्राचीन काल से राजा विक्रमादित्य के समय से यह प्रतिमा कहां पर विराजमान हैं उन लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है, शादी हो या कोई भी धार्मिक कार्य भगवान गणेश की आज्ञा से क्षेत्र में नहीं होते इसलिए आज भी भगवान गणेश को न्योता निमंत्रण रखने आते हैं और अपनी मनोकामनाएं भगवान के सामने रखते हैं| 

"To get the latest news update download tha app"