गलती किसी की खामियाजा कोई और भुगत रहा: लापरवाही के चलते खतरे में 21 अध्यापकों की नौकरी

ग्वालियर। जिला शिक्षा अधिकारी और उनके कार्यालय की लापरवाही का खामियाजा 21 अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है। खास बात ये है कि परेशान हो रहे 21 अध्यापकों मे 19 महिलाएं हैं और 2 पुरुष। सरकार के एजुकेशन पोर्टल पर शहरी और ग्रामीण निकायों में संशोधन नहीं किये जाने के चलते इन 21 अध्यापकों की नौकरी खतरे में है। 

दरअसल इन सभी अध्यापकों का ट्रांसफर शासन ने ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में कर दिया है। ट्रांसफर ऑर्डर के बाद ये सभी अध्यापक अपने अपने स्कूल ऐ रिलीव कर दिए गए लेकिन जब ये अपनी नई पद स्थापना वाली जगह पर जॉइनिंग के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के पास गए तो उन्होंने ने ज्वाइन कराने से इंकार कर दिया। जिला शिक्षा अधिकारी का तर्क था कि जिन स्कूलों में इनका ट्रांसफर हुआ है वो शहरी क्षेत्र में है जबकि अध्यापक ग्रामीण क्षेत्र के हैं। 

गौरतलब है जिन स्कूलों में इन 21 अध्यापकों का ट्रांसफर शासन ने किया है वो स्कूल 2012 में शहरी सीमा में शामिल हो चुके हैं लेकिन शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अभी भी ये स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं। विभाग ने अपने पोर्टल में इनको अपडेट नहीं किया जिसकी सजा इन 21 अध्यापको को मिल रही है । खास बात ये है कि ट्रांसफर के बाद ये सभी अध्यापक रिलीव तो हो गए लेकिन जॉइनिंग नहीं होने से इनके वेतन पर भी संकट पैदा हो गया है। पुराने स्कूल ने रिलीविंग की जानकारी आगे भेजकर इनका वेतन आहरण रुकवा दिया है और नई जगह ज्वाइन नहीं हो पाने के कारण इनका वेतन शुरू नहीं हो सका है है। परेशान अध्यापक अपनी पीड़ा जिला शिक्षा अधिकारी के अलावा कलेक्टर को भी बता चुके हैं लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं है