100 दिन से नहीं खुला अम्बेडकर उद्यान का ताला, खौफ में प्रशासन

ग्वालियर। शहर के बीचों बीच स्थित अम्बेडकर उद्यान में 100 दिन पहले लगा ताला आज भी लटका है। 2 अप्रैल को आरक्षण को लेकर हुए उपद्रव के दौरान इसपर ताला प्रशासन ने ताला लगा दिया था। उद्यान बंद होने से शहर के लोग ना तो इसमें कोई आयोजन नहीं कर पा रहे हैं ना ही पिकनिक मना पा रहे है।

ग्वालियर के फूलबाग परिक्षेत्र में स्थित अम्बेडकर उद्यान शहर के खूबसूरत और व्यवस्थित उद्यानों में से एक है। यहाँ लोग न सिर्फ परिवार के साथ पिकनिक मनाने आते हैं बल्कि सामाजिक कार्यक्रम जैसे सगाई , गोदभराई , लड़का लड़की दिखाई जैसे कार्यक्रम भी करने आते है। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते इसपर 100 दिनों से ताला लटका है। 

दरअसल 2 अप्रैल को आरक्षण को लेकर हुए बंद के दौरान शहर में उपद्रव हो गया था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और सैंकड़ों लोग घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने करीब 500 वहां फूँक डाले थे। जिसके चलते शहर में कई दिनों तक कर्फ्यू लगा रहा था। आरोप था इस उद्यान में बैठकर ही लोगों ने इस उपद्रव की रूप रेखा तैयार की थी। घटना के दौरान ही जिला प्रशासन ने इस उद्यान पर ताला लगा दिया था और अम्बेडकर की मूर्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दी थी। 

आज 2 अप्रैल की घटना को 100 दिन हो गए लेकिन अम्बेडकर उद्यान में लगा ताला अभी भी ज्यों का त्यों है वही अम्बेडकर की मूर्ति की पुलिस सुरक्षा भी बरक़रार है। इस मामले में नगर निगम के पार्क विभाग के नोडल अधिकारी मुकेः बंसल का कहना है कि उद्यान को बंद करने का आदेश जिला प्रशासन का है उसने खोलने का आदेश अभी नहीं दिया है। वहीँ जिलाधीश अशोक वर्मा ने साफ़ कहा कि उद्यान क्यों बंद है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है वे जानकारी लेकर इसका ताला जल्दी खुलवायेंगे।