बेटी की आत्महत्या के गम में दुखी माँ ने लगाई फांसी, लिखा-अब गम सहन नहीं होता

ग्वालियर । दर्पण कॉलोनी में रहने वाले श्रोतिय परिवार पर 9 महीने में दूसरा पहाड़ टूट पड़ा। 9 महीने पहले इस परिवार की बेटी डॉली ने किले से कूदकर जान दे दी थी। बेटी के जाने के बाद से परेशान उसकी माँ सुमन ने बीते रोज घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले सुमन ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। 

थाटीपुर थाना क्षेत्र के दर्पण कॉलोनी में रहने वाले कैलाश श्रोतिय PNB की तोर ग्रामीण शाखा में जॉब करते है। बीते रोज घर पर उनकी पत्नी सुमन , बेटा शिवम और बेटी सपना थे। घटना से कुछ देर पहले शिवम कोचिंग गया था और सपना बाजार गई थी तभी मौका पाकर सुमन ने फांसी का फंदा बनाया और आत्म हत्या कर ली । शिवम जब कोचिंग से लौटा तो उसने माँ को घर के कमरे में लटका देखा। शिवम ने सुमन को नीचे उतारा और पड़ोसियों के साथ अस्पताल लेकर भागा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टर्स ने देखते ही सुमन को मृत घोषित कर दिया। 


5 लाइन का सुसाइड नोट मिला

सुमन ने फांसी लगाने से पहले पांच लाइन का सुसाइड नोट  लिखा जिसमें उसने बेटी डॉली के गम को सहन नहीं कर पाने की बात लिखी। सुमन ने लिखा डॉली ने ऐसा क्यों किया ? मैं उसके गम और अकेलेपन को सहन नहीं कर पा रही हूँ। घर में किसी को परेशान नहीं किया जाये। इसमें किसी का दोष नहीं है। 

9 महीने पहले किले से कूदी थी डॉली

कैलाश की बेटी डॉली ने 9 महीने पहले किले से कूदकर आत्महत्या की थी । तब उसने लिखे अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि माँ मुझपर बे वजह शक करती हैं । डॉली की मौत और उसके सुसाइड नोट को पढने के बाद से सुमन परेशान रहती थी। वो डॉली को भुला नहीं पा रही थी

पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस पत्र की जांच  हेंड राइटिंग एक्सपर्ट से कराई जाएगी। पुलिस के अनुसार मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने भी शुरूआती बयानों में सुमन के बेटी डॉली के गम के चलते डिप्रेशन में रहने की बात कही है। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजकर मामले को जांच में ले लिया है।