मंत्री पवैया के महल विरोधी तेवर, शाह के दौरे के दौरान सिंधिया राजवंश की छत्री से बनाई दूरी

ग्वालियर ।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ग्वालियर दौरे के दौरान एक बार फिर उच्च शिक्षा मंत्री जयभान पवैया ने अपने महल विरोधी तेवर के चलते चर्चा में रहे ।शिवपुरी और गुना के दौरे से देर शाम ग्वालियर पहुंचे अमित शाह एयरपोर्ट से सीधे वीआईपी सर्किट हाउस मुरार पहुंचे। वहां से अपने काफिले के साथ सबसे पहले वे राजमाता को श्रद्धांजलि देने कटोरा ताल रोड स्थित सिंधिया राजवंश की छत्री पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्यों में से एक रही राजमाता विजयाराजे सिंधिया की को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

इस मौके पर अमित शाह के साथ राजमाता की बेटी और प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राजमाता की भाभी और प्रदेश की नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे,  प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, सांसद एवं उपाध्यक्ष प्रभात झा आदि मौजूद थे। लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री पवैया यहाँ नदारद थे । उनकी गैरमौजूदगी यहाँ चर्चा का विषय बनी रही। भाजपा से जुड़े लोग कहते सुने गए कि पवैया ने जानबूझकर यह दूरी बनाई थी। गौरतलब है कि पवैया को महल विरोधी राजनीति के लिए जाना जाता है ।लेकिन वे वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि पर मौजूद रहे। यहां वे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के पुष्पांजलि कार्यक्रम में लगातार उनके साथ बने रहे हालांकि इस मौके पर अमित शाह के साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद थे।