शहीद की माँ और भाई के साथ मारपीट, लोग देखते रहे तमाशा

ग्वालियर। देश की सुरक्षा करते हुए कारगिल युद्ध में  अपने प्राण न्योछावर करने वाले ग्वालियर के वीर सपूत शहीद कैप्टन उपमन्यु सिंह का परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है । बीती सोमवार की रात शहीद कैप्टन उपमन्यु सिंह के छोटे भाई उदयन सिंह और उनकी  मां सुमन सिंह के साथ तीन युवकों ने मारपीट कर दी।  घटना के बाद से परिवार डरा हुआ है और शहर छोड़कर जाने की बात कह रहा है। घटना सीसीटीवी में कैद है लेकिन दो दिन बाद भी पुलिस आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है।

सोमवार की रात शहीद कैप्टन उपमन्यु सिंह के छोटे भाई उदयन सिंह अपनी मां के साथ मानिक विलास कॉलोनी में रहने वाली अपनी नानी के यहां कार से जा रहे थे । तभी  ग्रेस होटल के सामने रॉन्ग साइड से तीन युवक स्कूटर पर आए। नशे में धुत इन लोगों ने कार के सामने स्कूटर लगा दिया। जब उदयन सिंह ने उन्हें हटने को बोला तो वह गाली गलौज करने लगे और  अभद्रता पर उतर आए। उन्होंने उदयन के साथ मारपीट शुरू कर दी। कार में बैठी उदयन की मां सुमन सिंह ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो युवकों ने उन्हें भी धक्का दे दिया। बदमाशों ने अपने स्कूटर का नंबर भी उदयन को मोबाइल से नहीं लेने दिया। जब उन्होंने मोबाइल से स्कूटर का नंबर लेने की दोबारा कोशिश की तो युवकों ने उनके सिर में पत्थर मार दिया  जिससे वे लहूलुहान हो गए। खास बात ये है कि जिस समय ये घटना हुई उस समय सड़क पर और होटल में बहुत लोग थे  लेकिन कोई भी उदयन सिंह और उनकी माँ को बचाने आगे नहीं आया । होटल में लगे सीसी टीवी कैमरे में बदमाशों को देखा गया है । लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने मारपीट की मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है लेकिन अब  मां को चिंता सत्ता रही है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद युवक कहीं दोबारा उन पर हमला ना करदे इसलिए वह अपने बेटे को बाहर भी नहीं निकलने दे रही हैं।और शहर छोड़कर जाने की बात कर रहीं हैं। 

घटना के बाद सजग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ प्रवीण अग्रवाल ने अन्य  पदाधिकारियों के साथ  शहीद उपमन्यु के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरा शहर आपके साथ है आपको कहीं जाने और किसी से डरने की जरुरत नहीं है । सजग प्रकोष्ठ ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। लेकिन खास बात ये है कि सीसीटीवी फुटेज हाथ आने बाद भी पुलिस दो दिनों में आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है।