बिना अनुमति इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रचार-प्रसार पर प्रतिबन्ध, पेड न्यूज पर भी रहेगी कड़ी नजर

 ग्वालियर । इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर चुनाव-प्रचार संबंधी कार्यक्रम व क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके लिये राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण प्रचार सामग्री की कैसेट जिला निर्वाचन अधिकारी को दिखानी होगी।  यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने मीडिया अनवीक्षण एवं प्रमाणन समिति (एमसीएमसी) की बैठक में दी।

 कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई बैठक में श्री वर्मा ने कहा कि मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण चुनाव प्रचार सामग्री की बारीकी से जाँच करने के बाद ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया से चुनावी प्रचार संबंधी कार्यक्रम व विज्ञापन पट्टियाँ प्रसारित करने की अनुमति दी जायेगी। इस जाँच में खासतौर पर यह देखा जायेगा कि इस प्रचार-प्रसार से आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा।

 कलेक्टर श्री वर्मा ने एमसीएमसी की जिला स्तरीय समिति के सभी सदस्यों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने "पेड न्यूज'' पर बारीकी से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। एमसीएमसी ही पेड न्यूज के संबंध में निर्णय लेगी। इसके लिये जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा पृथक से मीडिया सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिसके जरिए 24 घण्टे इलेक्ट्रोनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारित होने वाली खबरों की गहन छानबीन की जायेगी। पेड न्यूज साबित होने पर संबंधित राजनैतिक दल प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में पेड न्यूज प्रकाशन पर हुआ खर्च जोड़ा जायेगा।

          बैठक में अपर कलेक्टर संदीप केरकेट्टा, एमसीएमसी के सदस्य सचिव एवं अपर संचालक जनसंपर्क जी एस मौर्य, दूरदर्शन केन्द्र के कार्यक्रम अधिकारी एच एस बघेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी राघवेन्द्र पाण्डेय व डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा मौजूद थे।