सरकारी स्कूलों की सुरक्षा और सफाई की व्यवस्था ठेके पर देने की तैयारी

भोपाल। प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहद खराब है। गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभाग के अधिकारी कोरिया समेत दूसरे देशों की शिक्षा पद्धति का अध्ययन करके आए हैं। अधिकारी सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा पाए हैं, लेकिन स्कूलों की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था ठेके पर देने की तैयारी है। जिस पर हर साल करोड़ों रुपए का खर्च होगा। शुरूआत में भोपाल के 40 स्कूल समेत 1 हजार उच्च माध्यमिक स्कूलों की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था ठेके पर दी जाएगी। 

विभाग का तर्क है कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में जो काम शुरू किए गए हैं, उसी के तहत सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था पर भी काम होगा। राज्य सरकार और खासकर स्कूल शिक्षा विभाग इस बात को लेकर खासा चिंतित है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता कैसे बढ़ाई जाए। इसके लिए स्कूलों में पढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का चयनकर उन्हें रिफ्रेशर ट्रेनिंग देना शुरू किया गया है। संभवत: अगले महीने से यह प्रोजेक्ट जमीन पर आने की संभावना है।


विभाग ने बुलाए थे सुझाव 

शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुझावों में एक सुझाव स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के हर विषय के पदों को भरे जाने का भी था। अधिकारियों की मानें तो यह प्रक्रिया भी हाल ही में हुईं नियुक्तियों से अगले महीने तक पूरी कर ली जाएगी। साथ ही एक जरूरी सुझाव जिस पर विभाग अमल करने जा रहा है। इसमें हर स्कूल में कम से कम दो विषयों की स्मार्ट क्लास का होना जरूरी है। गुणवत्ता योजना में शामिल एक हजार स्कूलों में दो-दो स्मार्ट क्लास बनाए जाने की तैयारी है।


अफसरों ने देखी देश-दुनिया

कुछ महीनों पहले दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधार व गुणवत्ता को देखने के लिए अधिकारियों का दल गया था, आने के बाद उन्होंने कई सुझाव दिए, उनमें से कुछ को लागू किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी के नेतृत्व में एक दल कोरिया गया था, जो वहां के शिक्षा मॉडल को अपनाने संबंधी सुझाव देगा।

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