'देसी की दुकान पर अंग्रेजी शराब बेचने की तैयारी', शिवराज बोले, 'सरकार का अनर्थकारी क़दम'

भोपाल|  प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से शराब की नई नीति लागू करने की अनुमति भारत निर्वाचन आयोग से मांगी है। आबकारी विभाग ने अनुमति के संबंध में सोमवार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यायल में एक पत्र के साथ नीति की कापी भी दी है, जिसे सीईओ भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली को भेज दिया है। वहीं नई आबकारी नीति में कमाई बढ़ाने के लिए देसी शराब की दुकान पर अंग्रेजी शराब भी बेचने का प्रावधान रखा है| इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विरोध जताया है| 

पूर्व सीएम शिवराज ने ट्वीट कर नई आबकारी नीति पर सवाल उठाये हैं| उन्होंने इसे एक अनर्थकारी कदम बताया है और चुनाव आयोग से अपील की है कि चुनाव आयोग इस नई नीति को अनुमोदित न करे| शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि "बीच चुनाव में कमलनाथ सरकार देशी शराब की दुकान पर विदेशी दारू बेचने की अनुमति देने का ऐलान करती है और चुनाव आयोग से नयी आबकारी नीति लागू करने हेतु अनुमोदन माँगती है...ये जो पब्लिक है वो सब जानती है...मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए सरकारी आमदनी बढ़ाने हेतु ऐसे प्रस्ताव पहले भी आए थे, लेकिन मेरे लिए आमदनी से ज़्यादा प्रदेश के युवा और उनका भविष्य ज़रूरी है, इसीलिए मैंने कभी ऐसे किसी प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। ये एक अनर्थकारी क़दम है और प्रदेश के भविष्य को नशे की गर्त में धकेलने की एक साज़िश है। मेरा कमलनाथ से आग्रह है कि ऐसे क़दम न उठायें और यह प्रस्ताव निरस्त करें। चुनाव आयोग से भी अपील करता हूँ कि इस नीति को अनुमोदित न किया जाए।"

दरअसल, नई आबकारी नीति में एक अप्रैल से दुकानों के रेट पिछले साल से 20 प्रतिशत बढ़ाने के बाद ही उनका नवीनीकरण किए जाने का प्रस्ताव है। जो दुकाने बीस प्रतिशत रेट नहीं बढ़ाएंगी उनके ठेके निरस्त किए जाएंगे। इसके बाद उक्त दुकान की नीलामी नए सिरे से की जाएगी नई आबकारी नीति में कमाई बढ़ाने के लिए नई शर्त भी जोड़ दी गई है| लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी हो जाने के चलते सरकार इसे लागू नहीं करा सकती| जिसके चलते आबकारी विभाग ने केंद्र से अनुमति मांगी है| अब आयोग की अनुमति के बाद सरकार लाइसेंस फीस में 20 प्रतिशत वृद्धि करने के बाद शराब की दुकानों की नीलामी करेगी। अभी तक देसी शराब की दुकान पर देसी ही बिक सकती थी, विदेशी बेचे जाने का कोई प्रावधान नहीं था। नई व्यवस्था के तहत देसी शराब की दुकान का ठेकेदार यदि विदेशी बेचना चाहता है तो उसे जिला आबकारी अधिकारी के पास आवेदन करना होगा, जिसे अनुमति के लिए कलेक्टर के पास भेजा जाएगा, जहां से अनुमति के बाद उसे विदेशी शराब बेचने की अनुमति मिल जाएगी। इसमें नई बात यह रहेगी कि उसे अंग्रेजी शराब बेचने के लिए अलग से एक्साइज ड्यूटी की राशि जमा करनी होगी यानी सरकार ने कमाई का नया जरिया निकाल लिया है।  राज्य सरकार ने 2019-20 के लिए एफएल-3 होटल बार लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है, जबकि अन्य क्लब लाइसेंस में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है।



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