पटवारियों की हड़ताल ख़त्म, राजस्व मंत्री से मिला आश्वासन

भोपाल| मंत्री जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान से नाराज पटवारियों ने आखिरकार अपनी हड़ताल समाप्त कर दी| हालाँकि इससे पहले तक पटवारी संघ सार्वजानिक माफ़ी की मांग कर रहा था, और शनिवार रात तक यह कहा जा रहा था कि जब तक मंत्री माफ़ी नहीं मानेंगे हड़ताल जारी रहेगी| रविवार सुबह राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से मुलाक़ात के बाद पटवारी संघ ने हड़ताल समाप्त करने का एलान कर दिया| 

दरअसल, रिश्वतखोरी के आरोप से नाराज होकर पटवारियों ने काम बंद करते हुए हड़ताल शुरू की थी, जो तीन दिन चली| इस बीच पटवारियों ने मंत्री से सार्वजानिक माफ़ी की मांग रखी और हड़ताल पर डटे रहे| इस बीच शनिवार को दिन भर उन्हें मानाने की कोशिशे चलती रही, मंत्रियों से पटवारी संघ की मुलाक़ात भी हुई लेकिन बातचीत बेनतीजा रही| इस दौरान संघ ने वेतनमान को लेकर भी एक और मांग सरकार के सामने रखी| शनिवार शाम को संघ ने ऐलान किया था कि जब तक मंत्री जीतू पटवारी सार्वजनिक माफी नही मांग लेते हड़ताल जारी रहेगी| लेकिन रविवार सुबह मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से मुलाक़ात के बाद संघ ने हड़ताल ख़त्म करने का एलान कर दिया| 

इस पर पटवारी संघ का कहना है कि फसलों के सर्वे को देखते हुए हम काम पर लौट रहे हैं, वहीं हमारी मांगों को लेकर मंत्री राजपूत ने हमें आश्वासन दिया है, मंत्री पटवारी ने भी ट्वीट कर कहा है कि उनका इरादा ठेस पहुँचाना नहीं था, उन्होंने अपने गलती स्वीकार की है| इसलिए हमने काम पर लौटने का फैसला किया है| वहीं राजस्व मंत्री राजपूत का कहना है कि प्रदेश के किसानों के हित में प्राकृतिक आपदा को देखते हुए पटवारी संघ ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है| सरकार की मंशा है कि किसानों को जितना संभव हो मुआवजा दिया जाएगा| पटवारियों की वेतनमान सम्बन्धी मांगों पर जल्द विचार किया जायेगा| उनकी मांगों को लेकर सीएम को एक नोट लिखा है| मंत्री ने कहा कि अगले 6 महीने में पटवारियों का वेतनमान बढ़ेगा, इसको लेकर एक ड्राफ्ट सीएम कमलनाथ को भेजने की तैयारी है। पटवारी पूरी तरह से प्रदेश के किसानों के साथ खड़े हैं। पटवारी संघ का कहना है कि हमारी सरकार से इस बारे में लगातार बात चल रही थी।

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