विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित, अभिभाषण में राज्यपाल ने कही ये बातें

भोपाल| मध्य प्रदेश विधानसभा में आज भारी हंगामे के बीच एनपी प्रजापति विधानसभा अध्यक्ष चुने गए| हालांकि विपक्ष ने चयन प्रक्रिया का विरोध करते हुए सदन से वाकआउट किया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा| सदन की कारवाही तीन बजे तक स्थगित होने के बाद दोबारा शुरू हुई| इसके बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण हुआ| अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा जो कहा सो किया - यह मेरी सरकार में दिखाई देगा| किसानों और नौजवानों , बेरोज़गारों के उत्थान के लिए सरकार कृतसंकल्पित है| शिक्षा एवं स्वास्थ सरकार की प्राथमिकता में शामिल है| वहीं अगले 5 साल में सिंचाई क्षमता को 65  लाख हेक्टेयर किया जाएगा| अनुपूरक बजट पर चर्चा 9 जनवरी को होगी| विधानसभा की कार्यवाही कल बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है| वित्त मंत्री तरुण भनोट ने अनुपूरक बजट पटल पर रखा|

राज्यपाल ने कहा कुपोषण कम करना , महिला शक्तिकरण , एवम अपराधों पर त्वरित कार्यवाही होगी| महिला और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों के प्रति कार्यवाही को गंभीरता से सुनिश्चित करेगी कब्जाधारियों को पट्टा आवंटित होंगे| पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के कार्यों को गति देने का काम सरकार करेगी| गरीब और श्रमिकों के लिए नया सवेरा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा|  गरीबो के लिए नया सवेरा कार्यक्रम, पेयजल , बिजली , सड़को का गांव तक विस्तार किया जाएगा| माँ नर्मदा न्यास का गठन होगा| मां नर्मदा के लिए नर्मदा न्यास अधिनियम लाया जाएगा| पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया जाएगा| हर कीमत पर कानून व्यवस्था , साम्प्रदायिक सदभाव के लिए हर संभव कदम उठाये जाएंगे| वचन पत्र के हर बिंदु को 5 साल में पूरा किया जाएगा| अपनी अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ प्रदेश का विकास किया जाएगा|  

कार्य मंत्रणा समिति की घोषणा

मुख्यमंत्री कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, तुलसी सिलावट विजयलक्ष्मी साधो, गोविंद सिंह, शिवराज सिंह चौहान, के पी सिंह कक्काजू बिसाहू लाल सिंह, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग यशपाल सिंह सिसोदिया, संजीव सिंह कुशवाह कार्य मंत्रणा समिति के सदस्य बने


स्पीकर चुनाव का ऐसा रहा घटनाक्रम 

सुबह सदन की कार्रवाई शुरू होते ही दो विधायक यशोधरा राजे सिंधिया और मालिनी गौड को प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना ने शपथ दिलाई। इसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से एनपी प्रजापति को स्पीकर बनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद जैसे ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव भाजपा प्रत्याशी विजय शाह का प्रस्ताव पेश करने खुड़़े हुए तब संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने आपत्ति ली कि जो प्रस्ताव पहले आ चुका है। वही मान्य होगा। इसके बाद हंगामे की स्थिति बन गई। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रोटेम स्पीकर ने बिना वोटिंग के ध्वनिमत के आधार पर एनपी प्रजापति को स्पीकर घोषित कर दिया। जिसके बाद भाजपा के विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हगांमा बढ़ने पर प्रोटेम स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी थी। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर ने वोटिंग की मांग करने के बाद मत विभाजन का ऐलान किया। इससे पहले भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। भाजपा प्रोटेम स्पीकर द्वारा कांग्रेस के एनपी प्रजापति को बिना वोटिंग के विधानसभा अध्यक्ष घोषित करने का विरोध कर रही थी।  भाजपा वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रही| | एनपी प्रजापति को 120 मत मिले| दीपक सक्सेना ने प्रोटेम स्पीकर होने के कारण वोट नही डाला | वहीं भाजपा ने विरोध करते हुए सदन के बाहर नारेबाजी की| वहीं एनपी प्रजापति ने पद ग्रहण कर लिया है| शिवराज सिंह चौहान ने इसे इतिहास का काला दिन बताया| पैदल मार्च करते हुए विपक्ष राजभवन जाएगा, बीजेपी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी| राजभवन के बाहर बड़ी संख्या मे पुलिस बल मौजूद है| 

दिन भर हुआ हंगामा 

इससे पहले सत्ता पक्ष की ओर से डॉ गोविंद सिंह, आरिफ अकील, विक्रम सिंह, वैजनाथ कुशवाह, पीसी शर्मा एवं ग्यारसीलाल रावत ने एनपी प्रजापित के  नाम का प्रस्ताव पेश किया। जब विपक्ष के नेता प्रस्ताव पेश करने खड़े हुए तो संसदीय कार्यमंत्री ने आपत्ति ली। जिसको लेकर विपक्ष के विधायक खड़े हो गए। नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढऩे पर सदन की कार्यवाही 10 मिनटे के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव समेत भाजपा के अन्य विधायक गर्भगृह में पहुंचकर हंगामा करने लगे। भाजपा ने स्पीकर को चुनाव को लेकर सत्तापक्ष पर लोकतंत्र की हत्या के आरोप लगाए। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा यह अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र की हत्या है| इससे पहले खबरें आ रहीं थी कि भाजपा के उम्मीदवार वोटिंग से पहले अपना नाम वापस ले सकते हैं। नियम पांच के तहत मत विभाजन की जरूरत नहीं पड़ी और प्रोटेम स्पीकर ने वोटिंग कराने से इंकार कर दिया। माना जा रहा है कि अब कांग्रेस भाजपा का विधानसभा उपाध्यक्ष का पद दे सकती है।


राजभवन तक निकाला पैदल मार्च, शिवराज ने कहा आज लोकतंत्र का कला दिन 

प्रोटेम स्पीकर के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के लिए काला दिन है। सदन से वॉकआउट करने के बाद शिवराज ने आरोप लगाया कि हमारे प्रत्याशी विजय शाह के नाम को प्रस्तावित करने का अवसर नहीं दिया गया। विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा से राजभवन तक पैदल मार्च निकाला। जहां उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा| 


दिग्विजय, पचौरी थे मौजूद

स्पीकर के चुनाव के दौरान अध्यक्ष दीर्घा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी एवं पूर्व डिप्टी स्पीकर राजेन्द्र सिंह मौजूद थे। तीनों नेता सदन की कार्यवाही पर नजर रखे हुए थे। जब प्रोटेेम स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित की जब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अध्यक्ष प्रवेश द्वारा से स्पीकर के कक्ष में जाकर चर्चा की। करीब 10 मिनट के तक रणनीति पर चर्चा हुई। 


भाजपा ने कर ली थी वोटिंग की तैयारी

भाजपा ने अध्यक्ष चुनाव के लिए वोटिंग की तैयारी कर ली थी। यही वजह थी कि वरिष्ठ विधायक करण सिंह वर्मा को विशेष तौर पर भोपाल बुलाया गया। वर्मा की धर्म पत्नी का कल ही निधन हो गया था। वहीं विधायक यशोधरा राजे सिंधिया विदेश जाने वाली थी, उन्हें रोका गया। 


भाजपा ने की गुप्त मतदान की मांग

स्पीकर चुनाव प्रक्रिया से पहले भाजपा ने गुप्त मतदान की मांग की थी। जिसे विधानसभा में खारिज कर दिया। भाजपा ने इसका भी विरोध किया। सत्तापक्ष ने इसके जवाब में तर्क दिया था कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ही ओवन वोटिंग की शुरूआत की थी।

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