उम्मीदवार चयन में सीएम शिवराज का चला सिक्का, कांग्रेस में कमलनाथ हावी

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नामांकन में महज तीन दिन बचे हैं। बीजेपी और कांग्रेस अब तक 230 प्रत्याशियों की घोषणा करने में पिछड़ गई हैं। जबकि दोनों दलों ने आचार संहिता लागू होनो से 6 महीने पहले सर्वे रिपोर्ट और फीडबैक लेना शुरू कर दिया था। दावा किया जा रहा था कि राष्ट्रीय नेतृत्व टिकट बंटवारे को लेकर सक्रिय है। इस बार किसी विशेष नेता का प्रभाव लिस्ट और उम्मीदवार चयन में नहीं चलेगा। लेकिन जब लिस्ट जारी की गई तो नतीजे इसके उलट ही दिखे। बीजेपी में दिग्गज नेताओं की बात भले सुनी गई हो लेकिन सिक्का तो सीएम शिवराज का ही चला। उनके खास को टिकट दिया गया है। यही हाल कांग्रेस का भी है। खबरों में लगातार कांग्रेस दावा करती रही राहुल गांधी ही टिकट पर अंतिम फैसला लेंगे लेकिन जब कांग्रेस की लिस्ट जारी हुई उसमें भी कमलनाथ का पलड़ा भारी दिखा। 

बीजेपी की दोनों लिस्टों से साफ समझा जा सकता है कि इस बार सीएम चौहान की पसंद के नेताओं को तरजीह दी गई है। जबकि बीजेपी में 40 विधायकों के टिकट काटे गए हैं। अभी 38 प्रत्याशियों की घोषणा और होनी है। बीजेपी में लगातार नेता दावा कर रहे थे कि इस बार टिकट बंटवारे की बागडौर शाह के हाथों में है। लेकिन लिस्ट में उनकी मुहर जरूर लगी लेकिन उम्मीदवार सीएम चौहान के खास नजर आए। यह इस बात का सीधा संकेत है कि प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन सचिव सुहास भगत की भी बात दरकिनार की गई। संघ ने टिकट बंटवारे को लेकर कई बार हस्तक्षेप करने की कोशिश की लेकिन संघ के खास लोगों को टिकट दे दिया गया। जिसके बाद संघ ने बाकी उम्मीदवारों के चयन में कोई दखल देना जरूरी नहीं समझा। 

सीएम के खास इनको मिला टिकट

विदिशा से मुकेश टंडन, भोपाल मध्य से सुरेंद्रनाथ सिंह, बमोरी से ब्रजमोहन किरार और हुजूर सीट से रमेश्वर शर्मा को टिकट दिया गया है। कहा जाता है सीएम की खास मंडली में यह लोग शामिल हैं। वहीं, फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट में जिन विधायकों की स्थिति खराब थी उनके टिकट कटने का बजाए दोबारा मैदान में उतारा गया है। 


कांग्रेस में भी यही हाल है। इस बात का दावा किया जा रहा था कि राहुल गांधी के सर्वे के आधार पर ही इस बार एमपी में टिकट वितरण किया जाएगा। कमलनाथ ने भी बयान दिया था कि इस बार टिकट विरतण में किसी का हस्तक्षेप नहीं होगा न ही किसी खेमे के लोगों को टिकट दिया जाएगा। जो सर्वे रिपोर्ट कहेगी उसी के आधार पर टिकट दिया जाएगा। लेकिन जब कांग्रेस की लिस्ट जारी हुई तो तस्वीर साफ हो गई। कांग्रेस ने अब तक तीन लिस्ट जारी की हैं। कुल 184  प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। जबकि, सर्वे बहुत पहले करवा लिया गया था। घोषणा भी काफी पहली की जा सकती थी। लेकिन समीकरण को देखते हुए ऐसा हुआ नहीं। 

राहुल गांधी ने जो बात रैलियों और रोड शो को दौरन कही थी, वह सर्वे में सबसे ज्यादा दरकिनार की गई।राहुल ने कहा था कि पैराशूट और बाहरी दावेदारों को टिकट नहीं दिया जाएगा। लेकिन बाद में भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं को उम्मदीवार घोषित किया है। कांग्रेस की तीनों लिस्ट में 6 बहरी उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की सलाह सीएम शिवराज के साले संजय मसानी को शामिल करने में भी दरकिनार की गई। पार्टी ने एक बार फिर पिछले चुनाव में हारे हुए उम्मीदवारों पर दांव गाया है। इसमें सर्वे को साइडलाइन किया गया है और नेताओं ने अपने चहेतों के टिकट पर मुहर लगवा दी। चुनाव समिति में शामिल कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने अपने अपने गुटों के खास को टिकट दिया है। 

दिग्विजय सिंह ने अपने भाई लक्ष्मण सिंह, बेटे जयवर्धन सिंह और भतीजे प्रियव्रत सिंह को टिकट दिलवाया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के खास महेंद्र सिंह चौहान को भोपाल नरेला से टिकट दिया गया है। जबकि विंध्य के सभी उम्मीदवारों में उनके खास शामिल हैं। भूरिया भी अपने बेटे को टिकट दिनाले में कामयाब हुए हैं।