चुनाव से पहले बीजेपी के इन दो विधायकों पर गिर सकती है गाज

भोपाल। चुनाव से पहले भाजपा विधायकों को पार्टी के खिलाफ बदजुबानी भारी पड़ने वाली है। पार्टी ऐसे विधायकों को बाहर निकालने वाली है जिन्होंने पार्टी पर टिकट बेचने के आरोप लगाए है । इसके साथ ही पार्टी उन नेताओं पर भी कार्रवाई कर सकती है जो टिकट बंटवारे के बाद पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी कर रहे हैं और मीडिया में बयान बाजी दे रहे हैं ऐसे नेताओं पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल पार्टी के निशाने पर दो विधायक आ गए है, जिसमें पहला नाम टीकमगढ़ विधायक केके श्रीवास्तव का है जिन्होंने पार्टी पर मालदारों को टिकट देने और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया है, वही दूसरा नाम रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामौर का है, जिन्होंने पार्टी द्वारा उतारे गए उम्मीदवार पर पैसे देकर टिकट खरीदने का आरोप लगाया है।

दरअसल, दो दिन पहले टिकट काटे जाने को लेकर टीकमगढ़ से बीजेपी विधायक केके श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता कर पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था हम आरएसएस के कार्यकर्ता है और पार्टी को हम लोगों ने सींचा है। हम भाजपा को किसी एक व्यक्ति परिवार की रखैल नहीं बनने देंगे और पार्टी को इसका परिणाम 11 दिसंबर के दिन पता चल जाएगा ।अगर पार्टी कार्यकर्ताओं समर्थन किया तो पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। कि यह जगजाहिर है कि टीकमगढ़ का टिकट बिका है, करोड़ो में सौदा हुआ है।   टिकट बदले जाने पर के के श्रीवास्तव का आरोप था कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने रुपए लेकर के टिकट बेचा है उन्होंने उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह के टिकट पर भी सवाल खड़ा किया है ।

वही कुछ दिनों पहले रतलाम ग्रामीण से वर्तमान विधायक मथुरालाल डामर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने घोषित प्रत्याशी पर डेढ़ करोड़ रुपए देकर टिकट खरीदने का आरोप लगाया था।दरअसल, भाजपा द्वारा जारी लिस्ट में रतलाम ग्रामीण विधायक पद के प्रत्याशी दिलीप मकवाना का नाम आने के बाद दिलीप मकवाना अपने साथियों के साथ वर्तमान विधायक मथुरा लाल डामर के घर आशीर्वाद लेने गए थे। वहां मथुरा लाल डामर ने उनको जमकर खरी-खोटी सुनाई।  उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता नहीं कर्मचारी हो और डेढ़ करोड़ रुपए देकर टिकट लाए हो ।डामर इतने पर भी नही रुके आगे बोले भाजपा कार्यकर्ता को टिकट देने की बात करती है पर कार्यकर्ता को टिकट नहीं देकर एक कर्मचारी को टिकट दिया है। डामर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था और पार्टी में भी इसको लेकर खूब बवाल मच गया था।

सुत्रों की माने तो पार्टी बगावत को लेकर सबसे पहले इन दो विधायकों पर कार्रवाई कर सकती है, ताकी आगे कोई नेता-विधायक इस तरह की हिम्मत ना करे।ऐसे में पार्टी की तो छवि खराब होती ही है साथ ही साथ बड़े नेताओं पर भी लांछन लग सकता है। चुंकी चुनाव नजदीक है ऐसे में पार्टी ऐन मौके पर कोई रिस्क नही लेना चाहती , इसलिए इस कदम को उठाने पर विचार कर रही है। खबर है कि चुनाव से पहले इन दोनों विधायकों पर पार्टी की गाज गिर सकती है।