अफसरों की मनमानी पर सीएम कमलनाथ ने लगाया अंकुश

भोपाल। शिवराज सरकार में जहां चुनिंदा अफसरों की मनमानी चलती थी, वहीं कमलनाथ सरकार ने अफसरों की मनमानी पर अंकुश लगा दिया है। मंत्रियों से पटरी नहीं बैठाने वाले आधा दर्जन से ज्यादा अफसरों को विभाग से हटा दिया है। साथ ही विधायकों के कहने पर कलेक्टर-एसपी को भी बदला गया। जनप्रतिनिधियों के कहने पर अफसरों को हटाकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नौकरशाही में यह संदेश दिया है कि कांग्रेस सरकार में जनता ही सबकुछ है। हालांकि कुछ मंत्री ऐसे भी हैं, जिनकी विभाग के अधिकारियों से पटरी नहीं बैठ रही है, लेकिन उन्हें नहीं हटाया गया है। 

अफसरों पर ये मंत्री पड़े भारी

जयवर्धन सिंह

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की कमान संभाली तब विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल थे। शुरूआत में ही जयवर्धन सिंह की पीएस से पटरी नहीं बैठी। इसके बाद प्रमोद अग्रवाल की विभाग से विदाई हो गई। 


डॉ गोविंद सिंह

सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी से शुरूआत से ही डॉ गोविंद सिंह की खटपट थी। उन्होंने मंत्रालय से कुछ अफसरों को हटाने के लिए नोटशीट भी लिखी। लेकिन प्रमुख सचिव ने नजरअंदाज किया। मंत्री की कड़ी आपत्ति के बाद रश्मि शमी के साथ अन्य अफसरों की विभाग से छुट्टी हो गई। 


गोविंद सिंह राजपूत

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव के बीच पटरी नहीं बैठ रही थी। सिंह लंबे समय से विभाग के अफसरों को बदलवाना चाहते थे। दो दिन पहले ही मलय श्रीवास्तव से परिवहन विभाग से वापस ले लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में विभाग में हुए तबादलों को लेकर मंत्री, मंत्रालय और संचालनालय के बीच खटपट के हालात बने थे। 


सुरेन्द्र सिंह बघेल

नर्मदा घाटी विकास विभाग के मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कुछ घंटे के भीतर ही प्रमुख सचिव राजेश राजौरा का विभाग बदलवा दिया था। दो महीने पहले जब सरकार ने राजौरा को नर्मदा घाटी विकास विभाग की कमान सौंपी थी, तब बघेल की कड़ी आपत्ति के बाद कुछ घंटे के भीतर ही राजौरा का विभाग बदल दिया था। 


उमंग सिंघार

विभाग में आईएफएस अफसरों की पदस्थापना को लेकर मंत्री उमंग सिंघार और पूर्व अपर मुख्य सचिव केके सिंह के बीच संबंध ठीक नहीं थे। सिंघार विभाग स्तर पर आईएफएस अफसरों के अटैचमेंंट एवं तबादला आदेश करना चाहते थे, लेकिन सिंह सीएम के पास अनुमोदन के लिए भेजते थे। जिसको लेकर दोनों के बीच मतभेद थे। आखिरकार मुख्यमंत्री ने केके सिंह को वन विभाग से हटाकर जीएडी भेज दिया। 


मुख्यमंत्री कमलनाथ 

शिवराज सरकार में ताकतवर अफसर रहे मोहम्मद सुलेमान से उद्योग विभाग छीनकर योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग भेजा था। चंूकि यह विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है। सुलेमान को हटाने का फैसला उन्होंने ख्ुाद लिया। हालांकि पिछले महीने सुलेमान को ऊर्जा विभाग की कमान सौंपी गई है। 


इमरती देवी

शिवराज सरकार में करीब 6 साल तक महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव रहे जेएन कंसोटिया की कुछ महीने पहले ही विदाई हुई है। बताया गया कि विभाग की मंत्री इमरती देवी भी उन्हें हटाने के पक्ष में थी। विभाग के नए प्रमुख सचिव अनुपन राजन से उनकी पटरी ठीक बैठ रही है। 

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