राज्यपाल 'महापोर चुनाव बिल' न रोकें, यह गलत परम्परा होगी : तन्खा

भोपाल।

नगरीय निकाय चुनावों से जुड़े विधेयकों (बिल) को लेकर भेजे गए दो अध्यादेश में से एक को राज्यपाल लालजी टंडन ने मंजूरी दे दी। लेकिन मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव से जुड़े अध्यादेश को फिलहाल रोक दिया है।जिसको लेकर कांग्रेस सांसद और जाने माने वकील विवेक तन्खा ने राज्यपाल लालजी टंडन को समझाइश देते हुए इसे मंजूरी देने की मांग की है। इधर, भाजपा इस बिल को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है।

दरअसल, देश के जानेमाने वकील, मप्र से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने मप्र के राज्यपाल लालजी टंडन से मप्र सरकार के महापौर बिल को न रोकने की मांग की है, उन्होंने कहा यह गलत परंपरा होगी। तन्खा ने ट्वीट कर लिखा है कि "सम्माननीय राज्यपाल आप एक कुशल प्रशासक थे और हैं...संविधान में राज्यपाल कैबिनेट की अनुशंसा के तहत कार्य करते हैं। इसे राज्यधर्म कहते हैं।विपक्ष की बात सुनें मगर महापौर चुनाव बिल नहीं रोकें। यह गलत परम्परा होगी...ज़रा सोचिए। !!

बता दे कि  कैबिनेट से मंजूरी के बाद राज्य सरकार की ओर से पिछले दिनों दो अध्यादेश राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजे थे। इनमें से एक पार्षद प्रत्याशी के हलफनामे से जुड़ा था व दूसरा मेयर के चुनाव से। राज्यपाल ने पहले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है लेकिन मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव से जुड़े अध्यादेश को फिलहाल रोक दिया है। जिस पर तन्खा ने ट्वीट कर मंजूरी देने की मांग की है।इधर, नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह और प्रमुख सचिव संजय दुबे ने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य सरकार का रूख स्पष्ट करने की कोशिश की, जबकि ऑल इंडिया मेयर्स काउंसिल ने इस अध्यादेश का विरोध कर दिया।



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