दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी बैठक, मप्र को लेकर हाईकमान ले सकता है बड़ा फैसला

भोपाल। कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मंगलवार होने वाली मुलाकात टल गई। संभवत: अब 12 सितंबर को सोनिया गांधी मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया से एक साथ मुलाकात कर सकती हैं। इस बैठक के बाद मप्र को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। क्योंकि बैठक में पीसीसी चीफ समेत मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार एवं संगठन गतिविधियों को लेकर भी चर्चा होगी। 

मप्र कांग्रेस में मचे राजनीतिक घमासान के बीच सोनिया गांधी से ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंगलवार शाम करीब चार बजे मिलना था। सिंधिया के समर्थक सोनिया आवास के बाहर पहुंच भी गए थे। लेकिन सोनिया से ज्योतिरादित्य सिंधिया की मुलाकात टल जाने के बाद फिर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर फैसला टल गया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस में जो कुछ भी चल रहा है, उससे सोनिया गांधी बेहद ही नाराज हैं। पिछले दिनों जब मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने उनसे मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी पूरे प्रकरण से बेहद ही खफा है। इसलिए वह मध्यप्रदेश में कांग्रेस में शांति का इंतजार कर रही हैं। सब कुछ शांत होने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला करेंगी। फिलहाल कमलनाथ ही इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।


सोनिया ने जारी की गाइडलाइन 

दिल्ली में होने वाली बैठक से पहले सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सभी नेताओं के लिए गाइडलाइन जारी की है। इस गाइड लाइन के अनुसार, कांग्रेस कोई भी नेता बिना पुख्ता सबूत के दूसरे नेता पर आरोप नहीं लगा सकेगा। मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार विवाद का मामला अनुशासन कमेटी को सौंपने के बाद सोनिया गांधी ने नई गाइड लाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि बिना पुख्ता सबूत के किसी नेता पर आरोप लगाए गए तो उसे पद से हटा दिया जाएगा। भले ही अनुशासनहीनता करने वाला नेता किसी भी कद या पद का हो।  


मंत्रिमंडल विस्तार पर फैसले में देरी 

प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होना है, लेकिन यह मामला भी आंतरिक कलह उजागर होने के चलते हर बार टल जाता है| मंत्रिमंडल के विस्तार में भी सोनिया गांधी की सख्ती का असर दिख सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री इन सारे विवादों को ठंडा होन के बाद ही मंत्रिमंडल के विस्तार के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इसके यह संदेश जरूर जाएगा कि अनुशासनहीनता के क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं।  सोनिया गांधी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को बड़े रूप में मनाने के लिए 12 सितंबर को सभी राज्य प्रमुखों को बैठक के लिए बुलाया है। कहा जा रहा है कि इस दिन सोनिया गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी बैठक कर सकती हैं और उसी दिन पीसीसी चीफ के नाम की भी घोषणा हो सकती है।

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