शिवराज के एलान पर पढिये.. ये व्यंग कविता

भोपाल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को सागर में नगर विकास के राज्य-स्तरीय पर्व में कहा था कि सरकार राज्य के शहरों को अमेरिका के शहरों से भी ज्यादा अच्छा बनाएगी।‘मध्यप्रदेश के शहरों को अमेरिका के शहरों से भी अच्छा बना देंगे। इस बात को लेकर अब सोशल मीडिया पर मजाक उडने लगा है, व्यंग कसे जाने लगे है। कविताएं बनने लगी है। ऐसी ही एक कविता पत्रकार वीरेन्द्र शर्मा द्वार भी पेश की गई है।

कविता- हमका माफी दई दे( हुजूर का एलान, वाशिंगटन डीसी सा होगा भोपाल)


सरकार, अब यह कैसा शब्दों का ढा दिया कहर 

अमेरिका से बेहतर होगे मध्यप्रदेश के शहर !

 यानी सड़कें होंगी सचमुच  दुरुस्त, कमीशन अधिकारी और ठेकेदार के पेट में नहीं जाएगा

 सड़क का गड्ढा किसी घर के चिराग को नहीं बुझा पायेगा ।

पुलिस सचमुच कानून और व्यवस्था की स्थिति को संभालेगी

 शहर की सड़कों पर रेत के डंपर के रूप में मौत नहीं नाचेगी।

 लोकसेवा सचमुच में बन जाएगी गारंटी 

रिश्वत के रूप में नहीं ढीली होगी आम आदमी की अंटी ।

यह माने ना मामा कि अब मनचलों, शोहदो  और रेपिस्टों की वाट लग जाएगी

 सीता ,सत्या, सावित्री सी आधी आबादी चैन की जिंदगी जी पाएगी।

 आम आदमी आम की तरह चूस कर नहीं फेंका जाएगा 

वीवीआईपी भी कतार में लगकर ही अपना हक पाएगा।

 राजनीति सचमुच जनसेवा सा मिशन बन जाएगी

 नेताओं की पीढ़ियां भी मेहनत करके ही तर पाएगी ।

जिस ने तोड़ा कानून ,वो सलाखों के पीछे खड़ा होगा 

यह माने ना कि उसके पीछे कोई नेता नहीं खड़ा होगा ।

अवसर उसी को मिलेंगे ,जिसमें योग्यता होगी  

प्रतिभा किसी कृपा की मोहताज नहीं होगी।

 हालांकि शक है कि आपका यह ऐलान कभी पूरा हो पाएगा

 जब सत्तर साल में रामराज नहीं आया तो 5 साल में ट्रम्प सा राज कैसे आएगा,5 साल में ट्रम्प सा राज कैसे आएगा


(साभार-वीरेन्द्र शर्मा, पत्रकार, सहारा समय)

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