नतीजो से पहले शिवराज कैबिनेट की बैठक, कांग्रेस ने जताई आपत्ति

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव होने के बाद अब सरकार एक बार फिर कामकाज के मूड में दिखाई दे रही है। चुनाव नतीजे 11 दिंसबर को आना हैं। उससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पांच दिसंबर को कैबिनेट बैठक बुलाई है। इसकी सूचना सभी मंत्रियोंं को भेज दी गई है। प्रदेश में आचार संहिता लागू है। ऐसे में सरकार कैबिनेट बैठक में किसी भी तरह के वित्तीय और नीतिगत फैसले नहीं ले सकेगी। इस बैठक में उन फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगना है जो पूर्व में पास हो चुके हैं लेकिन चुनाव की वजह से रुक गए थे। इस बीच कांग्रेस ने कैबिनेट बैठक बुलाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए चुनाव आयोग से इस पर रोक लगाने की मांग की है। 

जानकारी के अनुसार पांच दिसंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कैबिनेट बैठक बुलाई है। इसमें पूर्व में रूक करीब 14 प्रस्तावों पर कैबिनेट से अनुसमर्थन होना है। हालांकि, कांग्रेस ने हमला करते हुए सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में मतदान हो चुका है। आचार संहिता पहले से लागू है ऐसे में सरकार सिर्फ कार्यवाहक सरकार है। इसके पास किसी भी तरह की बैठक बुलाने और निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह सीधे तौर पर सत्ता का दुरुपयोग है। 

दरअसल, राज्य सरकार पहले जिन 14 विषयों पर काम शुरू कर चुकी है उनका अनुसमर्थन अभी तक कैबिनेट से नहीं हो पाया है। आचार संहिता लागू होने के बाद कैबिनेट की बैठक नहीं हो पाई। जिसके चलते इन विषयों पर कैबिनेट में चर्चा नहीं हो पाई और कैबिनेट का अनुसमर्थन नहीं मिल पाया। इनमें अध्यापक संवर्ग के लिए जारी हुए आदेश, किसानों के लिए 200 रुपए बोनस सहित कुल 14 मामले हैं। इसके अलावा डेंगू और जीका वायरस को लेकर भी बैठक में चर्चा होना है। लेकिन राज्य सरकार को इससे पहले चुनाव आयोग से इस संबंध में अनुमति लेना होगी। लेकिन बैठक के लिए सभी मंत्रियों को मुख्य सचिव की ओर से पांच दिसंबर को सुबह साढ़े दस बजे की सूचना भेज दी गई है। लेकिर चुनाव आयोग से अनुमति लेने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। 

दिल्ली से मिलेगी अनुमति

मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल काताराव का कहना है कि सरकार बनने से पहले कैबिनेट के लिए चुनाव आयोग की अनुमति जरूरी है। अभी तक हमारे पास इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। राज्य सरकार कोई प्रस्ताव बैठक से संबंधित भेजती है तो उसे दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग के पास भेजा जाएगा। वहीं से अनुमति मिलने पर बैठक हो सकती है।

"To get the latest news update download tha app"