महापौर चुनाव बिल के खिलाफ राजभवन पहुंचे शिवराज

भोपाल। 

महापौर चुनाव बिल पर हो रही सियासत के बीच पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज आज सोमवार को राज्यपाल लाल जी टंडन से मिलने राजभवन पहुंचे। यहां शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार के  महापौर चुनाव  अध्यादेश को रद्द करने की मांग की। शिवराज ने बातचीत के दौरान  राज्यपाल से सरकार के अध्यादेश पर पार्षदों के खरीद-फरोख्त होने का आरोप लगाया।इधर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा के भी राज्यपाल से मिलने की खबर है।

मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान शिवराज ने हमने राज्यपाल से मांग की है की त्रिस्तरीय पंचायत के अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष हो।कांग्रेस पार्टी की हार निश्चित है, पराजय के डर से ही उनके नेता प्रदेश में महापौर, नगर निगम और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली द्वारा करवाना चाहते हैं ताकि वह धनबल और बाहुबल से जीत सकें। यह पूर्णतः गलत है। मेरी मांग है कि प्रत्यक्ष प्रणाली से ही चुनाव हों।वही कांग्रेस सांसद और जाने माने वकील विवेक तन्खा की सलाह को गलत बताया।शिवराज ने कहा कि राज्यपाल दलों से ऊपर है और अनुभवों की भट्टी में तपे हुए है, लेकिन कोई उनको राजधर्म की बात कहे, ये गलत है।कांग्रेस उनको राजधर्म ना सिखाएं। राज्यपाल को अपने संवैधानिक अधिकारों का ज्ञान है । किसी को राज्यपाल को सलाह देना ठीक नहीं ।

हार के डर से सत्ता का दुरुपयोग कर रही कांग्रेस

 शिवराज ने कहा कि कांग्रेस को हार का भय सता रहा है।ये जोड़-तोड़ की राजनीति है, सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है।बाहुबल और धनबल का उपयोग करके जनादेश का अपहरण करने की कोशिश है। शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में महापौर, नगर निगम और नगरपालिका अध्यक्ष के सभी चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होते आ रहे हैं। जनता के द्वारा इनका सीधा चुनाव किया जाता है जो लोकतंत्र की आत्मा को जीवित रखता है, इसे मरने नहीं देना चाहिए। जनता से उनके नगर के अध्यक्ष को चुनने का अधिकार छीनना गलत है। शिवराज ने कहा कि मैं भाजपा का नेता होने के नाते नही बल्कि एक आम नागरिक होने के नाते भी सीएम कमलनाथ से इस अध्यादेश को वापस लेने की मांग करता हूं।

दो नगर निगम के गठन पर भी जताई आपत्ति

वही शिवराज ने भोपाल शहर में दो नगर निगम के गठन पर भी आपत्ति जताई  ।शिवराज ने कहा कि पराजय का इतना डर बैठ गया है कांग्रेस पार्टी को कि वह भोपाल नगर निगम के टुकड़े करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। कांग्रेस हमेशा से ही वोटबैंक की राजनीति कर जनता को ठगने का काम करती आ रही है। भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बाँटने के कमलनाथ सरकार के प्रस्ताव का हम विरोध करते हैं!




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