पूर्व सीएम बोले, जब पीएम कह गए 'गौर एक बार और' फिर क्यों नहीं मिलेगा टिकट

भोपाल। मध्य प्रदेश में टिकट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में अब भी घमासान मचा हुआ है। सबसे ज्यादा माथापच्ची भोपाल की गोविंदपुरा सीट पर हो रही है| यहां बीजेपी ने फैसला होल्ड रखा है, वहीं कांग्रेस भी भाजपा के बाद ही प्रत्याशी घोषित करेगी| यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की परंपरागत सीट है। पहली सूची में गोविंदपुरा का नाम नहीं होने से विरोध शुरू हो गया है,  गौर ने बगावती तेवर दिखाए हैं और उन्होंने साफ कर दिया जब प्रधानमंत्री मोदी 'गौर एक बार और 'कह गए है तो मुझे टिकट क्यों नही मिलेगा। मैं हर हाल में बीजेपी से और गोविंदपुरा सीट से लड़ूंगा। गौर के इस बयान ने बीजेपी में घमासान मचा दिया है । 

गोविंदपुरा से बबौलाल गौर खुदकी दावेदारी कर रहे हैं और अपनी बहु कृष्णा गौर को भी आगे किया है, दोनों में किसी एक को टिकट पर भी गौर शांत हो जाएंगे| वहीं बीजेपी के कई बड़े नेता भी यहाँ पूरा जोर लगा रहे हैं, यही कारण है कि इस सीट को होल्ड रखा गया है| इस बीच कांग्रेस भी गौर पर डोरे डाल रही है| कांग्रेस नेताओं ने गौर से बातचीत की इस बीच उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने की भी चर्चा तेज हो गई| हालांकि उन्होंने कहा है कि वह बीजेपी से ही चुनाव लड़ेंगे| 

दरअसल, अब तक समर्थकों के प्रदर्शन के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करने वाले बाबूलाल गौर अब सीधे चेतावनी के मूड में आ गए हैं।  आज मीडिया से चर्चा के दौरान गौर ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि मुझे ही टिकट मिलेगा । मुझे प्रधानमंत्री कह के गए तो टिकट क्यों नही मिलेगी। पीएम खुद कह के गए कि बाबूलाल गौर एक बार और...।  गौर ने साफ कहा कि मैं तो बीजेपी से ही लड़ूंगा और गोविंदपुरा सीट से ही लड़ूंगा । उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने से मना कर दिया है।


कृष्णा बोली मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा

गोविंदपूरा से दावेदारी कर रही गौर की बहू कृष्णा गौर ने कहा कि मेरी सीएम से बातचीत हुई । उन्होंने भरोसा जताया है की आप का ध्यान रखा जाएगा। आप मेरी बहन हों। वही निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलों पर कृष्णा ने विराम लगा दिया है। कृष्णा ने कहा है कि इस तरह की ख़बरें झूठी है,ऐसे कुछ भी नहीं है। मुझे संगठन पर पूरा भरोसा है। अभी भी 53 उम्मीदवार की दूसरी सूची आना बाक़ी है, हमें अपनी सीट पर पूरा भरोसा है।


नये चेहरे को मिले मौका- श्रोती

बाबूलाल गौर को टिकट दिए जाने को लेकर बगावती सुर फूटने लगे है। बीजेपी सैनिक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक आरके श्रोती ने बाबुलाल गौर की जगह नए चेहरे को टिकिट देने की मांग की है। उन्होंने बाबूलाल गौर के चुनाव लड़ने की मांग को गलत बताया। श्रोती का बयान संगठन को उस कार्यकर्ता को टिकट देना चाहिए जो निरंतर काम कर रहा है। गौर साहब को लंबा समय हो गया अब किसी नए चेहरे को मौका मिलना चाहिए।


प्रेशर पॉलिटिक्स बर्दाश्त नही- तपन भौमिक

गोविंदपुरा से टिकट के दावेदार माने जा रहे राज्य पर्यटन विभाग के अध्यक्ष तपन भौमिक ने फिर बयान दिया है। भौमिक ने कहा है कि बीजेपी में प्रेशर पॉलिटिक्स का कोई स्थान नही है।गोविंदपुरा से हो या किसी भी विधानसभा से हो प्रेशर पॉलिटिक्स बर्दास्त नहीं की जाएगी। कृष्णा गौर और बाबुलाल गौर के निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी पर  तपन भौमिक ने कहा कि जो यह कहता है निर्दलीय लडूंगा , कांग्रेस से लड़ूंगा या फिर बाहर चला जाऊंगा ऐसे लोगों का बीजेपी में कोई स्थान नहीं।

गौरतलब है क बाबूलाल गौर भोपाल की गोविंदपुरा सीट से 10 बार से विधायक हैं। 89 साल के बाबूलाल गौर ने पहला चुनाव 1974 में भोपाल दक्षिण सीट से लड़ा था। उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1977 में गोविंदपुरा सीट को चुना और जीत दर्ज की। तब से वे इस सीट पर लगातार 10 बार से जीतते आ रहे हैं। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक गौर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे।उन्हें 2016 में मंत्री पद छोड़ना पड़ा था।  चुंकी भाजपा ने 70 की उम्र पार के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी न देने का तय किया था। इसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, तभी से गौर अघोषित रूप से पार्टी के खिलाफ हो गए। वे कई बार शिवराज सरकार की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं।